बुलन्द शहर में इंस्पेक्टर की हत्या, भड़की हिंसा

गोकशी की सूचना पर गये इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत दो की मौत।

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बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की मौत पर सीएम नाराज, एडीजी से मांगी दो दिन में रिपोर्ट बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में गोकशी की सूचना के बाद भड़की हिंसा के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्याना के चिंगरावठी पुलिस चौकी इलाके में हुई घटना की जांच के लिए एडीजी इंटलीजेंस एसबी शिराडकर को मौके पर भेजा है तथा उनसे जांच करके दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष, फायरिंग, तोड़-फोड़, आगजनी व पथराव के मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत दो की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को शांति बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए पांच कंपनी आरएएफ व छह कंपनी पीएसी के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने सोमवार शाम प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस घटना में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह शहीद हो गए जबकि एक ग्रामीण सुमित की मौत हुई है। इसके अलावा सीओ और चौकी इंचार्ज समेत छह पुलिसकर्मी व तीन-चार ग्रामीण घायल हुए हैं। यहां हुई हिंसा में आगजनी और पथराव हुआ। बकौल एडीजी पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवा में फायरिंग की। ग्रामीणों ने भी तमंचों से गोलियां चलाईं। एडीजी ने बताया कि घटना बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र की चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास हुई। वहां उत्तेजित ग्रामीणों और पुलिस में संघर्ष हुआ। पथराव से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को सिर में चोट आई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एडीजी ने कहा कि डाक्टरों ने प्रथम दृष्टया इंस्पेक्टर की मौत का कारण किसी ठोस चीज से सिर में आई गहरी चोट और उसकी वजह से अधिक मात्रा में खून बहना बताया है। एडीजी ने कहा कि उनकी मौत का असली कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा। एडीजी ने बताया कि इस घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। आईजी मेरठ की अध्यक्षता में गठित एसआईटी दोनों की ही जांच करेगी। मौके पर आरएएफ व पीएसी के अलावा पुलिस बल तैनात किए जाने की बात बताते हुए एडीजी ने स्थिति के नियंत्रण में होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि किसी को गड़बड़ी नहीं करने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय के इज्तिमा (धार्मिक सभा) में 15-16 लाख लोगों को पहुंचने की सूचना थी और इसका समापन होने के बाद वहां से लगभग सात लाख लोग वापस लौट चुके हैं। इसे देखते हुए वहां पहले से ही पर्याप्त पुलिस व पीएसी बल की तैनाती की गई थी। इस बल को भी सतर्क कर दिया गया है।