घर के आगे लगे पेड़ से हो रही परेशानी तो काट सकते हैं? पंजाब ही नहीं, दिल्ली-यूपी समेत पूरे देश का नियम जान लें
घर के आगे लगे पेड़ से हो रही परेशानी तो काट सकते हैं? पंजाब ही नहीं, दिल्ली-यूपी समेत पूरे देश का नियम जान लें
क्या आपको लगता है कि आपके घर के आगे लगे पेड़ को आप अपनी मर्जी के हिसाब से कभी भी काट सकते हैं? अगर हां, तो यह आपकी बड़ी लगती हो सकती है। आइए जानते हैं क्या कहता है नियम...कई लोग मानते हैं कि अगर उनके घर के सामने या उनकी जमीन पर कोई पेड़ लगा है, तो उसे काटने का उन्हें पूरा अधिकार है. लेकिन हकीकत इससे अलग है. भारत के अधिकांश राज्यों में पेड़ों की कटाई को लेकर नियम और कानून बने हुए हैं और कई मामलों में बिना अनुमति पेड़ काटना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है. हाल ही में पंजाब सरकार ने भी पेड़ों के संरक्षण को लेकर 'पंजाब पेड़ संरक्षण विधेयक 2026' को मंजूरी दी है, जिसके तहत पेड़ काटने पर 10 नए पौधे लगाना अनिवार्य किया जाएगा. पंजाब के अलावा देश के कई राज्यों में पेट काटने को लेकर नियम अलग-अलग हैं.
- पंजाब पेड़ संरक्षण विधेयक के तहत अगर कोई व्यक्ति, एजेंसी या संस्था पेट काटती है, तो प्रति पेड़ के एवज में उन्हें 10 नए पौधे लगाने होंगे. सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उस पेड़ का संरक्षण भी व्यक्ति, संस्था की जिम्मेदारी होगी.
- इसके अलावा अगर किसी ने पहली बार बिना किसी परमिशन के पेड़ काटा है, तो उस व्यक्ति पर प्रति पेड़ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
- वहीं, अगर वही व्यक्ति दोबारा इस नियम का उल्लंघन करता है, तो जुर्माना बढ़कर 35 हजार रुपये हो जाएगा.
- तीसरी बार या बार-बार नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये तक का आर्थिक दंड देना होगा.
बिना परमिशन पेड़ काटना पूरे देश में है गैरकानूनी
भारतीय वन कानून 1927 के सेक्शन 78 के तहत बिना परमिशन पेड़ काटना गैरकानूनी है. अगर आप ऐसा करते हैं,तो आपके ऊपर पर्यावरण कोर्ट से मामला दर्द किया जा सकता है. अगर आप अपने घर का भी पेड़ काटते हैं, तो भी आपको परमिशन लेने की जरूरत पड़ सकती है.
पेड़ काटने के लिए किससे लेना होगा परमिशन?
आपके घर के सामने या फिर आपकी खुद की जमीन पर भी अगर कोई पेड़ लगा है, तो इसे काटने के लिए आपको वन विभाग से परमिशन लेने की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा आप स्थानीय परिषद से लिखित में भी परमिशन ले सकते हैं, जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और ग्राम पंचायत भी शामिल हैं.
कैसे ले सकते हैं पेड़ काटने की अनुमति?
पेड़ काटने की अनुमति और ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन दोनों तरह से ले सकते हैं...
क्या है ऑनलाइन प्रोसेस
अगर आपके घर के सामने या फिर आपकी खुद की प्रोपर्टी पर किसी तरह का पेड़ लगा है और इस पेड़ की वजह से आपको किसी तरह की परेशानी हो रही है, इसलिए आप इसे काटना चाहते हैं, तो इसका परमिशन लेने के लिए आप ऑनलाइन भी प्रोसेस शुरू कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में पेड़ काटने की अनुमति के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी हैं, उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली के निवासी हैं और यहां किसी भी इलाके में पेड़ काटना चाह रहे हैं, तो https://forest.delhi.gov.in/ पर जाकर आप पेड़ काटने की अनुमति ले सकते हैं.
पेड़ काटने की क्या हैं शर्तें?
अगर आप नीम, बरगद, पीपल, शीशम, आम जैसे बड़े पेड़ों को काटने का आवेदन कर रहे हैं, तो इस स्थिति में आपको आवेदन के साथ प्रति पेड़ की एवज में नए पौधे लगाने या उनका संरक्षण करने का शपथ पत्र और शुल्क जमा करना पड़ेगा.
कुछ पेड़ों को काटने के लिए नहीं लेनी पड़ती है अनुमति
ध्यान रखें कि हर तरह के पेड़ को काटने के लिए आपको अनुमित लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. मुख्य रूप से अगर आपको व्यवसायिक या फिर तेजी से उगने वाले पेड़ जैसे- यूकेलिप्टस, पॉपलर इत्यादि लगाएं हैं, जो इसके लिए कुछ राज्यों में अनुमति से छूट दी गई है. हालांकि, इसके लिए आपको एक बार स्थानीय नियमों की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.














