Latest Post

IIT: उम्र 21 और पैकेज 2.5 करोड़ का हैदराबाद के 21 साल के छात्र "एडवर्ड नाथन वर्गीस" ने रचा इतिहास

एडवर्ड नाथन वर्गीस को नीदरलैंड की एक ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी ऑप्टिवर (Optiver) ने ये बड़ा सैलरी पैकेज दिया है, उन्होंने इसी कंपनी में इंटर्नशिप की थी, जिसका इनाम उन्हें अब इस तरह मिला है.

IIT: उम्र 21 और पैकेज 2.5 करोड़ का हैदराबाद के 21 साल के छात्र "एडवर्ड नाथन वर्गीस" ने रचा इतिहास
भारत में हर साल कई युवाओं को ऐसे सैलरी पैकेज ऑफर होते हैं, जिन्हें सुनकर लोगों का दिमाग घूम जाता है. ऐसे मामले सबसे ज्यादा देशभर के अलग-अलग IIT से आते हैं. ऐसा ही एक ऑफर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद के एक छात्र को मिला है, जिसने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. IIT हैदराबाद के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र एडवर्ड नाथन वर्गीस को नीदरलैंड की एक ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी ऑप्टिवर (Optiver) ने 2.5 करोड़ रुपये पैकेज ऑफर किया है. 

IIT हैदराबाद का टूटा रिकॉर्ड

एडवर्ड नाथन वर्गीस को मिले इस ऑफर ने आईआईटी हैदराबाद के इतिहास के अब तक के सबसे बड़े पैकेज का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले संस्थान का सबसे बड़ा पैकेज साल 2017 में 1.1 करोड़ रुपये रहा था. इस सैलरी पैकेज की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है और लोग छात्र की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. 

कड़ी मेहनत और टैलेंट से मिला करोड़ों का पैकेज

एडवर्ड नाथन वर्गीस को ये रिकॉर्ड ब्रेकिंग सैलरी पैकेज उनकी किस्मत से नहीं, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत से मिला है. उन्होंने ऑप्टिवर कंपनी में दो महीने की समर इंटर्नशिप की थी, यहां उनके टैलेंट और मेहनत को देखते हुए कंपनी ने उन्हें 'प्री-प्लेसमेंट ऑफर' (PPO) दिया. अब एडवर्ड जुलाई में नीदरलैंड में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी नौकरी की शुरुआत करेंगे. 

महज 21 साल है उम्र

2.5 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज पाने वाले एडवर्ड मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बेंगलुरु से पूरी की है. सबसे खास बात ये है कि उनकी उम्र अभी महज 21 साल है. उन्होंने जेईई मेन में 1100 और जेईई एडवांस में 558वीं रैंक हासिल की थी. इतना ही नहीं एडवर्ड ने कैट (CAT) परीक्षा में भी 99.96 पर्सेंटाइल स्कोर किया था. उन्होंने अपनी इस सक्सेस का क्रेडिट आईआईटी के सिलेबस और कोडिंग के प्रति अपने जुनून को दिया है. उनके माता-पिता भी इंजीनियर हैं. 

ये है अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

एडवर्ड ने भले ही आईआईटी हैदराबाद में सैलरी पैकेज का रिकॉर्ड तोड़ दिया हो, लेकिन IIT में सबसे ज्यादा सैलरी का रिकॉर्ड आईआईटी मद्रास के एक छात्र के नाम है. ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने उन्हें 4.3 करोड़ का पैकेज दिया था. ये अब तक का सबसे बड़ा प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) है. साल 2024 में ये रिकॉर्ड बना था. 

IPL-KKR: विवादों में फंसे शाहरुख खान, जानिए कितना कमाते हैं  IPL में KKR टीम के मालिक

शाहरुख खान अपनी आईपीएल टीम केकेआर को लेकर एक बार फिर सुर्खियों का हिस्सा बन गए हैं. जानिए उनकी टीम को लेकर क्यों हो रही है कंट्रोवर्सी.

IPL-KKR: विवादों में फंसे शाहरुख खान, जानिए कितना कमाते हैं  IPL में KKR टीम के मालिक

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान फिल्मों के साथ अपनी आईपीएल टीम से मोटी कमाई करते हैं. शाहरुख की टीम केकेआर हर जगह छाई रहती है. आईपीएल 2026 का हाल ही में ऑक्शन हुआ था, जिसमें कुछ ऐसा हुआ कि शाहरुख विवाद का हिस्सा बन गए हैं. शाहरुख की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को शामिल किया गया. इसके बाद से किंग खान विवादों में फंस गए हैं. बांग्लादेश में हिंदुओं की हुई लिंचिंग के बाद ये विवाद बढ़ता जा रहा है. कई लोग शाहरुख के खिलाफ खड़े हो गए हैं और उनकी फिल्मों को बायकॉट करने की मांग कर रहे हैं.

केकेआर के फैसले पर उठा विवाद

दरअसल, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा जाना विवाद का केंद्र बन गया. इसको लेकर केकेआर के मालिक और अभिनेता शाहरुख खान का विरोध हो रहा है. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की. आईएएनएस से बात करते हुए महंत रविंद्र पुरी ने कहा, ''शाहरुख खान को जो भी सम्मान और पहचान मिली है, वह भारत और यहां के लोगों की वजह से है. ऐसे में उन्हें देशवासियों की भावनाओं और राष्ट्रहित का पूरा सम्मान करना चाहिए. देश विरोधी सोच या ऐसे निर्णय, जो देश की भावनाओं के खिलाफ हों, किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इससे हमारी आस्था को ठेस पहुंची है. मैं चाहता हूं कि शाहरुख अपने इस फैसले को वापस लें.''

शाहरुख खान केकेआर से करते हैं कितनी कमाई

शाहरुख खान की कमाई अपनी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बहुत तगड़ी है. वो एक साल में करोड़ों कमा लेते हैं. हर सीजन में शाहरुख खान 150-170 करोड़ कमा लेते हैं. हालांकि उनके टीम में 55 परसेंट हिस्सेदारी है जिससे वो 80 करोड़ कमा लेते है.

टीम पर हर साल भारी खर्च

शाहरुख अपनी टीम केकेआर पर मोटा खर्चा करते हैं. वो महंगे और बहुत अच्छे क्रिकेटर्स खरीदते हैं जिससे उनको बाद में काफी फायदा होता है. रिपोर्ट्स की मानें तो आईपीएल की हर टीम को बीसीसीआई की ओर से टीवी टेलीकास्ट और स्पॉन्सरशिप से होने वाली कमाई का कुछ परसेंट शेयर मिलता है. इसके अलावा ब्रांड एंडोर्समेंट, मैच फीस, फ्रेंचाइजी फीस, प्राइज मनी और बीसीसीआई के इवेंट रिवेन्यू से भी शाहरुख को पैसा मिलता है. हर साल शाहरुख केकेआर से 250-270 करोड़ की कमाई करते हैं. जिसमें से 100 करोड़ तो वो अपनी टीम के खर्च में ही लगा देते हैं. उसके बाद जो बचता है वो शाहरुख और उनके पार्टनर के बीच बंट जाता है.

रेंट एग्रीमेंट हो या ना हो फिर  भी किरायेदार को कर सकते हैं बेदखल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दिया जवाब
मकान मालिकों को बड़ी राहत , रेंट एग्रीमेंट हो या ना हो फिर  भी किरायेदार को कर सकते हैं बेदखल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दे दिया जवाब

हाईकोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि रेंट अथॉरिटी का अधिकार क्षेत्र सिर्फ लिखित एग्रीमेंट और उसकी जानकारी रेंट अथॉरिटी को देने के मामलों तक सीमित नहीं किया जा सकता.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किराएदारी से जुड़ी छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपने महत्वपूर्ण फैसले में उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किराएदारी रेगुलेशन एक्ट 2021 का विवरण देते हुए एक कानूनी सिद्धांत निर्धारित किया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यदि मकान मालिक और किराएदार के बीच कोई रेंट एग्रीमेंट नहीं हुआ है या इसकी जानकारी रेंट अथॉरिटी को नहीं दी गई है तब भी मकान मालिक किराएदार को बेदखल करने के लिए आवेदन कर सकता है. 

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि प्रावधान से यह निष्कर्ष निकलता है कि 2021 के एक्ट के तहत रेंट अथॉरिटी का अधिकार क्षेत्र सिर्फ लिखित एग्रीमेंट और उसकी जानकारी रेंट अथॉरिटी को देने के मामलों तक सीमित नहीं किया जा सकता. अगर विधायिका ने मकान मालिक या किराएदार को सिर्फ लिखित एग्रीमेंट या उसकी जानकारी के मामलों में ही रेंट अथॉरिटी के पास जाने की सीमित सुविधा देने के बारे में सोचा होता तो सेक्शन 9 के सब-सेक्शन (5) का नियम कानून की किताब में नहीं होता. राज्य विधानमंडल की जानबूझकर की गई चूक के कारण 2021 के अधिनियम के तहत मकान मालिक के शीघ्र बेदखली के अधिकार से वंचित करने वाले गंभीर परिणाम नहीं होंगे. 

हाईकोर्ट ने कहा कि पहले ही धारा 4 की उप-धारा (3) में आने वाले "Shall" शब्द पर चर्चा की है क्योंकि यह किराया प्राधिकरण को किरायेदारी की जानकारी प्रदान करने के संबंध में सीमित उद्देश्य को पूरा करता है. एक बार जब मकान मालिक-किराएदार संबंध के बारे में कोई विवाद नहीं होता है तो उसमें इस्तेमाल किए गए "Shall" शब्द से कोई फायदा नहीं उठाया जा सकता है. यह आदेश जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच ने केनरा बैंक ब्रांच ऑफिस व अन्य और मेसर्स टिफको एंड एसोसिएट्स समेत छह अन्य की याचिका पर दिया है.

क्यों दाखिल हुई थी याचिकाएं?

मामले के अनुसार सभी मामलों में याचिकाकर्ता जिन्हें चीफ जस्टिस के 5 मई 2025 के आदेशों द्वारा कोर्ट में नॉमिनेट किया गया. इसमें या तो कोई किराएदार है या मकान मालिक था. इन सबने इमारतों को आवासीय या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किराए पर दिया गया था. इनमें से पांच रिट याचिकाएं भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत जबकि छठा मामला प्रांतीय लघु वाद न्यायालय अधिनियम, 1887 की धारा 25 के तहत SCC रिवीजन में दायर किया गया था. 

कोर्ट ने उठाया ये मुद्दा

कोर्ट में सभी जुड़े मामलों में ये मुद्दा उठाया गया कि क्या 2021 के एक्ट के प्रावधानों के तहत गठित रेंट अथॉरिटी के पास ऐसे मामलों में मकान मालिक द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है, जहां किराए का समझौता नहीं किया गया है और अगर समझौता नहीं किया गया है तो मकान मालिक रेंट अथॉरिटी के पास किराए की जानकारी दर्ज करने में विफल रहा है. सभी पक्षों के वकीलों की सहमति से इसे एक ही आदेश द्वारा सुना और तय किया गया. 

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाथ में लिए गए मुद्दे पर फैसला करने से पहले उत्तर प्रदेश शहरी भवन (किराए पर देने, किराया और बेदखली का विनियमन) अधिनियम, 1972 और उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम, 2021 दोनों के विधायी इतिहास पर एक संक्षिप्त नजर डालना मामले को बेहतर ढंग से समझने के लिए जरूरी है. 

रेंट एग्रीमेंट नहीं होने पर किया गया था ये दावा

दरअसल सभी मामलों में प्रतिवादी मकान मालिकों ने याचिकाकर्ताओं के ​खिलाफ किराया प्राधिकरण (रेंट ट्रिब्यूनल) व लघुवाद कोर्ट के सामने बेदखली के लिए आवेदन दायर किया था. इसके ​खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट में वाद दायर किया. उनका कहना था कि उनके व मकानमालिक के बीच कोई भी रेंट एग्रीमेंट नहीं हुआ है. ऐसे में बिना रेंट एग्रीमेंट के ट्रिब्यूनल और लघुवाद कोर्ट को मामले की सुनवाई करने का अधिकार नहीं है. 

केनरा बैंक के मामले में मकान मालिक की ओर से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के अमित गुप्ता बनाम गुलाब चंद्र कनेडिया के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि रेंट ट्रिब्यूनल के सामने रेट एग्रीमेंट प्रस्तुत नहीं किया है तब भी लघुवाद कोर्ट में वाद दायर किया जा सकता है. अन्य कई दलीलें उन्होंने दी. 

मकान मालिकों को बड़ी राहत 

कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि हालांकि कानून में लिखित समझौते का प्रावधान है, लेकिन इसके अभाव में मकान मालिक को उसके कानूनी अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने पाया कि उत्तर प्रदेश का किराएदारी अधिनियम 2021 केंद्र सरकार के 'मॉडल टेनेंसी एक्ट' से अलग है. मॉडल एक्ट में समझौते की जानकारी न देना राहत पाने के रास्ते बंद कर देता है, लेकिन यूपी के कानून में ऐसा प्रावधान नहीं रखा गया है. यूपी किराएदारी अधिनियम के अनुसार यदि रेंट एग्रीमेंट को ट्रिब्यूनल के सामने जमा नहीं किया गया है तो मकान मालिक केवल इस आधार पर भी बेदखली के लिए आवेदन करने का पात्र है. 

रेंट ऑथोरिटी का अधिकार क्षेत्र केवल उन मामलों तक सीमित नहीं है जहां लिखित समझौता जमा किया गया हो. यह उन किराएदारों पर भी लागू होता है जहां कोई लिखित अनुबंध नहीं है. कोर्ट ने अपने 47 पन्नों के फैसले में उत्तर प्रदेश शहरी परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम 2021 के अलग-अलग प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि 2021 के एक्ट के प्रावधानों के तहत गठित रेंट अथॉरिटी के पास उन मामलों में मकान मालिक द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है, जहां किरायेदारी एग्रीमेंट नहीं हुआ या मकान मालिक ने अथॉरिटी को किरायेदारी की जानकारी नहीं दी.

                                                                        

आज का पांचांग दिन शुक्रवार दिनांक 02/01/2026


                  🌞सुप्रभातम🌞 

      ⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️

       दिनांक:- 02/01/2026, शुक्रवार

      

     *जय श्री राम*🚩

*चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष,*

*पौष*

(समाप्ति काल)


तिथि----------- चतुर्दशी 18:52:53.      तक 

पक्ष-------------------------- शुक्ल

नक्षत्र--------- मृगशिरा 20:03:03

योग-------------- शुक्ल 13:05:58

करण--------------- गर 08:36:57

करण----------- वणिज 18:52:53

करण-------- विष्टि भद्र 29:10:44

वार------------------------ शुक्रवार

माह--------------------------- पौष

चन्द्र राशि-----    वृषभ 09:24:54

चन्द्र राशि-----------------    मिथुन

सूर्य राशि---------------------    धनु

रितु------------------------- शिशिर

आयन------------------- दक्षिणायण

संवत्सर----------‐-------- विश्वावसु

संवत्सर (उत्तर)-------------- सिद्धार्थी

विक्रम संवत---------------- 2082 

गुजराती संवत-------------- 2082 

शक संवत------------------ 1947 

कलि संवत------------‐----- 5126

सूर्योदय---------------- 07:11:21

सूर्यास्त----------------- 17:35:14

दिन काल-------------- 10:23:52

रात्री काल-------------- 13:36:20

चंद्रोदय----------------- 16:19:05

चंद्रास्त----------------- 31:07:17

लग्न----   धनु 17°26' , 257°26'

सूर्य नक्षत्र----------------- पूर्वाषाढा

चन्द्र नक्षत्र----------------- मृगशिरा 

नक्षत्र पाया------------------- लोहा 


*🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩*


वो---- मृगशिरा 09:24:54


का---- मृगशिरा 14:43:48


की---- मृगशिरा 20:03:03


कु---- आर्द्रा 25:22:49


घ---- आर्द्रा 30:43:17


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 


धनु     > 06:00  से  08:02     तक

मकर   > 08:02 से  09:42     तक

कुम्भ   > 09:42  से  11:22     तक

मीन    > 11:22  से  12:46     तक

मेष     > 12:46  से  14:22     तक     

वृषभ   > 14:22 से  16:16     तक

मिथुन  > 16:16 से 18:46      तक

कर्क    > 18:46  से 20:56    तक

सिंह    > 20:56 से  11:06      तक

कन्या  > 11:06  से   01:32    तक

तुला   >  01:32  से  03:34    तक

वृश्चिक > 03:34 से  06:00     तक

=======================


राहू काल 11:05 - 12:23 अशुभ

यम घंटा 14:59 - 16:17 अशुभ

गुली काल 08:29 - 09:47 अशुभ 

अभिजित 12:02 - 12:44 शुभ

दूर मुहूर्त 09:16 - 09:58 अशुभ

दूर मुहूर्त 12:44 - 13:26 अशुभ

वर्ज्यम 27:31* - 28:56* अशुभ

प्रदोष 17:35 - 20:21        शुभ


💮चोघडिया, दिन


चर 07:11 - 08:29 शुभ

लाभ 08:29 - 09:47 शुभ

अमृत 09:47 - 11:05 शुभ

काल 11:05 12:23 अशुभ

शुभ 12:23 13:41 शुभ

रोग 13:41 - 14:59 अशुभ

उद्वेग 14:59 - 16:17 अशुभ

चर 16:17 17:35       शुभ


🚩चोघडिया, रात


रोग 17:35 - 19:17 अशुभ

काल 19:17 20:59 अशुभ

लाभ 20:59 - 22:41 शुभ

उद्वेग 22:41 - 24:23* अशुभ

शुभ 24:23* - 26:05* शुभ

अमृत 26:05* - 27:47* शुभ

चर 27:47* - 29:30* शुभ

रोग 29:30* - 31:12* अशुभ


💮होरा, दिन


शुक्र 07:11- 08:03

बुध 08:03 -08:55

चन्द्र 08:55 -09:47

शनि 09:47- 10:39

बृहस्पति 10:39 -11:31

मंगल 11:31 -12:23

सूर्य 12:23- 13:15

शुक्र 13:15- 14:07

बुध 14:07- 14:59

चन्द्र 14:59- 15:51

शनि 15:51- 16:43

बृहस्पति 16:43 -17:35


🚩होरा, रात


मंगल 17:35 -18:43

सूर्य 18:43- 19:51

शुक्र 19:51- 20:59

बुध 20:59- 22:07

चन्द्र 22:07- 23:15

शनि 23:15 -24:23

बृहस्पति 24:23-25:31

मंगल 25:31-26:39

सूर्य 26:39-27:47

शुक्र 27:47-28:56

बुध 28:56-30:04

चन्द्र 30:04-31:12


*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल  🚩* 


धनु     > 06:00  से  08:02     तक

मकर   > 08:02 से  09:42     तक

कुम्भ   > 09:42  से  11:22     तक

मीन    > 11:22  से  12:46     तक

मेष     > 12:46  से  14:22     तक     

वृषभ   > 14:22 से  16:16     तक

मिथुन  > 16:16 से 18:46      तक

कर्क    > 18:46  से 20:56    तक

सिंह    > 20:56 से  11:06      तक

कन्या  > 11:06  से   01:32    तक

तुला   >  01:32  से  03:34    तक

वृश्चिक > 03:34 से  06:00     तक

=======================


*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*


       (लगभग-वास्तविक समय के समीप) 

दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा   +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट


*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। 

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।


*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*


*🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*


  14 + 6 + 1 = 21  ÷ 4 = 1 शेष

 पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l


*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*


सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु  आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है


शनि ग्रह मुखहुति


*💮    शिव वास एवं फल -:*


   14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष


ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक


*🚩भद्रा वास एवं फल -:*


*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


 सांय18:52 से रात्रि 29:13


स्वर्ग लोक  =  शुभ कारक 


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *पूर्णिमा व्रत* 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


विद्या मित्रं प्रवासे च भार्या मित्र गृहे च ।

व्याधिस्तस्यौषधं मित्रं धर्मा मित्रं मृतस्य च ।।

।।चाoनीo।।


   विद्या सफ़र में हमारा मित्र है. पत्नी घर पर मित्र है. औषधि रुग्ण व्यक्ति की मित्र है. मरते वक्त तो पुण्य कर्म ही मित्र है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:  कर्मयोग अo-3


इन्द्रियाणि पराण्याहुरिन्द्रियेभ्यः परं मनः।

 मनसस्तु परा बुद्धिर्यो बुद्धेः परतस्तु सः॥


इन्द्रियों को स्थूल शरीर से पर यानी श्रेष्ठ, बलवान और सूक्ष्म कहते हैं। इन इन्द्रियों से पर मन है, मन से भी पर बुद्धि है और जो बुद्धि से भी अत्यन्त पर है वह आत्मा है

 ॥42॥


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रोजगार‍ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ संभव है। जोखिम न लें। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति जीवन में आनंद का संचार करेगी। कई दिनों से रुका पैसा मिल सकेगा।


🐂वृष

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न उठाएं। आज का दिन आपके लिए शुभ रहने की संभावना है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। रोजगार के अवसर मिलेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।


👫मिथुन

मेहनत का फल मिलेगा। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कर्ज से दूर रहना चाहिए। खर्च में कमी होगी। कानूनी विवादों का निपटारा आपके पक्ष में होने की संभावना है। प्रतिष्ठितजनों से मेल-जोल बढ़ेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।


🦀कर्क

विवाद से क्लेश होगा। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग परेशान कर सकता है। जोखिम न लें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता प्राप्ति के योग हैं। सावधानी व सतर्कता से व्यापारिक अनुबंध करें। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा।


🐅सिंह

मेहनत का फल कम मिलेगा। कार्य की प्रशंसा होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। संतान की शिक्षा की चिंता समाप्त होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। महत्व के कार्य को समय पर करें। व्यावसायिक श्रेष्ठता का लाभ मिलेगा।


🙎‍♀️कन्या

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। धैर्य एवं शांति से वाद-विवादों से निपट सकेंगे। दुस्साहस न करें। नए विचार, योजना पर चर्चा होगी। स्वयं की प्रतिष्ठा व सम्मान के अनुरूप कार्य हो सकेंगे।


⚖️तुला

कुसंगति से हानि होगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वाणी प‍र नियंत्रण रखें, जोखिम न लें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। व्यापारिक लाभ होगा। संतान के प्रति झुकाव बढ़ेगा। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी।


🦂वृश्चिक

किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ होगा। धन संचय की बात बनेगी। परिवार के कार्यों पर ध्यान देना जरूरी है। रुका कार्य होने से प्रसन्नाता होगी। आर्थिक सलाह उपयोगी रहेगी। कर्ज की चिंता कम होगी।


🏹धनु

चोट व रोग से बचें। कानूनी अड़चन दूर होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। क्रय-विक्रय के कार्यों में लाभ होगा। योजनाएं बनेंगी। उच्च और बौद्धिक वर्ग में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। भाइयों से अनबन हो सकती है। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें।


🐊मकर

राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जायदाद संबंधी समस्या सुलझने के आसार बनेंगे। अनुकूल समाचार मिलेंगे तथा दिन आनंदपूर्वक व्यतीत होगा। नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे।


🍯कुंभ

व्यवसाय ठीक चलेगा। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। परिश्रम का अनुकूल फल मिलेगा। परिजनों के स्वास्थ्य और सुविधाओं की ओर ध्यान दें।


🐟मीन

व्यापार-व्यवसाय संतोषप्रद रहेगा। आपसी संबंधों को महत्व दें। अल्प परिश्रम से ही लाभ होने की संभावना है। खर्चों में कमी करने का प्रयास करें। अति व्यस्तता रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। थकान रहेगी।


*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*



🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳

 🚩






You Tube: 

1. Youtube:  ग्रह वाणी   
https://youtube.com/shorts/xqc6820XshI?si=3BPhBlfPj8-AJ3Bo

2. Youtube:  B I News
https://youtu.be/VwwU7GSmc8o?si=Y4y_DG_etYEolPQ0


PLEASE:- Like & Share 

                     
🚩🚩भारत माता की जय🚩🚩

 महंगे रिचार्ज का झंझट खत्म 44 रुपये में Jio सिम रहेगा साल भर एक्टिव, आते रहेंगे कॉल और OTP, समझें पूरा गणित

महंगे रिचार्ज का झंझट खत्म 44 रुपये में Jio सिम रहेगा साल भर एक्टिव, आते रहेंगे कॉल और OTP, समझें पूरा गणित

जब रिचार्ज प्लान लगातार महंगे हो रहे हैं, तो ऐसे में आप सिर्फ 44 रुपये में अपने सिम को साल भर एक्टिव रख सकते हैं। ध्यान रहें कि यह तरीका सिम को सिर्फ एक्टिव रखने के काम आएगा। कहने का मतलब है कि कंपनी आपके नंबर को बंद करके किसी और के नाम पर अलॉट नहीं करेगी और आप इनकमिंग कॉल्स और OTP पा सकेंगे। हालांकि इसके जरिए कॉल्स नहीं की जा सकेंगी। यह उन लोगों के लिए ठीक है जो अपने एक्स्ट्रा नंबर को सिर्फ एक्टिव रखना चाहते हैं।

क्या आप मानेंगे कि सिर्फ 44 रुपये में आप अपने Jio सिम को एक्टिव रख सकते हैं। दरअसल अगर आप अपने Jio नंबर को रिचार्ज नहीं कराते, तो कंपनी 90 दिनों के बाद आपके नंबर को बंद करके उसे किसी और को अलॉट कर सकती है। ऐसे में लोगों को अपने नंबर पर मजबूरन महंगे रिचार्ज कराने पड़ते हैं। हालांकि आप चाहें, तो सिर्फ 44 रुपये में भी अपने जियो सिम को पूरे साल एक्टिव रख सकते हैं और उस पर इनकमिंग कॉल और OTP पाना जारी रख सकते हैं। चलिए इस बारे में डिटेल में समझते हैं।
जैसा कि हमने बताया कि अगर जियो सिम को 90 दिनों तक रिचार्ज न कराया जाए, तो कंपनी नंबर को बंद करके किसी और को अलॉट कर सकती है। ऐसे में जरूरत है कि आप 90 दिनों के भीतर 11 रुपये के डेटा पैक रिचार्ज कराएं। इस डेटा पैक के लिए किसी बेस प्लान की भी जरूरत नहीं है, इसलिए इस प्लान से आप अपने सिम को सालभर एक्टिव बनाए रख सकते हैं।

आपको अपने जियो नंबर में 11 रुपये का रिचार्ज कराना होगा। इस प्लान के तहत आपको 1 घंटे के लिए 10GB हाई स्पीड इंटरनेट मिलेगा और इसी के साथ अगले 90 दिनों के लिए आप नंबर को रिचार्ज कराने की चिंता से मुक्त हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि 11 रुपये का रिचार्ज दिखाता है कि आपका नंबर एक्टिव है और उसे रिचार्ज करके इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह साल भर अपने नंबर को एक्टिव रखने के लिए आपको 4 बार 11 रुपये का रिचार्ज कराना होगा।
11 रुपये का रिचार्ज कराने से क्या होगा?
11 रुपये का रिचार्ज पैक एक डेटा पैक है, जिसमें आपको 1 घंटे के लिए 10GB डेटा मिलता है। इस रिचार्ज पैक को इस्तेमाल करके आपका नंबर अगले 90 दिनों के लिए इस चिंता से मुक्त हो जाता है कि कंपनी उसे बंद करके किसी और को अलॉट कर देगी। साथ ही अगर आप अपने नंबर पर सिर्फ इनकमिंग कॉल और OTP पाना चाहते हैं, तो वह भी लगातार अगले 90 दिनों तक आपको मिलते रहेंगे। ऐसे में अगर आप जियो को एक एक्स्ट्रा नंबर की तरह इस्तेमाल करते हैं, तो सिर्फ 44 रुपये खर्च करके अपना नंबर साल भर एक्टिव रख सकते हैं।

ध्यान रखने वाली बातें

अगर आप 44 रुपये खर्च करके अपने नंबर को एक्टिव रखने में रूचि रखते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले तो आपको हर बार 11 रुपये का रिचार्ज कराने के बाद अगला रिचार्ज 90 दिनों से पहले कराना होगा। ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप रिचार्ज को समय से कराएं। इसके अलावा रिचार्ज कराने के बाद कुछ जीबी डेटा का इस्तेमाल भी जरूर करें, ताकि यह रजिस्टर हो सके कि आपका नंबर एक्टिव है और इस्तेमाल हो रहा है।

कंपनी की पॉलिसी का रखें ध्यान

आने वाले समय में हो सकता है कि कंपनी अपनी पॉलिसी को अपडेट करे और इस तरह से सिर्फ 11 रुपये का प्लान रिचार्ज कराना नंबर एक्टिव रखने के लिए काफी न रहे। इसके अलावा कंपनी प्लान को बंद या प्लान में इस तरह के बदलाव कर सकती है, जिसके तहत इस प्लान को इस्तेमाल करने के लिए बेस प्लान के रिचार्ज होने की शर्त को जोड़ दिया जाए। ऐसे में तब इस तरीके से फोन नंबर एक्टिव रख पाना संभव नहीं होगा। हालांकि ऐसा कुछ भी होने से पहले आप 44 रुपये में अपना जियो नंबर एक्टिव रख पाएंगे।

2026 में किसका बढ़ेगा गुडलक और शनि किसे करेंगे परेशान, समझें वार्षिक राशिफल 2026 

बीते वर्ष 2025 के मुकाबले कैसा रहेगा आपके लिए साल 2026? नये साल में ग्रह-गोचर से किन राशियों की पलटेगी किस्मत और कौन होगा मालामाल? आपके लिए किस माह में ​खुलेंगे किस्मत के बंद दरवाजे और आपको कब रहना होगा सावधान? करियर से लेकर कारोबार तक, प्रोफशनल लाइफ से लेकर पर्सनल लाइफ तक का पूरा हाल जानने के लिए जरूर पढ़ें वार्षिक राशिफल 2026.

पंडित जी बताते हैं, नये साल में जनवरी महीने की पहली तारीख हर किसी के लिए उम्मीद की वह किरण होती है, जिसके प्रकाश में वह अपने सुख-सौभाग्य का रास्ता तलाशने का प्रयास करता है. हर कोई चाहता है कि बीते साल के मुकाबले नया साल उसके लिए कहीं ज्यादा सुख, सुविधा, सफलता और समृद्धि लिए हुए है. आइए जाने-माने पंडित जी से जानते हैं कि साल 2026 में ग्रह-नक्षत्र किस राशि के लिए सुख-सौभाग्य और सफलता का संकेत दे रहे हैं और किन राशियों को कर रहे हैं सावधान. पढ़ें मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का वार्षिक राशिफल 2026 (Yearly Horoscope 2026).

मेष राशि का वार्षिक राशिफल 2026

मेष राशि के जातकों के लिए साल 2026 का पहला महीना जनवरी शुभ साबित होगा. इसमें मेष राशि वालों को सभी प्रकार की सुख-शांति उपलब्ध होगी. पारिवारिक सुख भी मिलेगा और उनके मन को अच्छे लगने वाले जितने भी कार्य हैं, जिन्हें वह करना चाहते हैं, वह इस महीने में पूरा कर पाएंगे. वरिष्ठ लोगों से सहयोग प्राप्त होगा. समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी. आप जो भी कार्य कर रहे हैं, उसमें भी विस्तार होगा. फरवरी महीने में भी लगातार सुख-शांति और लाभ की स्थिति बनी रहेगी. व्यावसायिक प्रगति होगी और सारे पिछले रुके हुए काम पूरे होंगे. जीवन से जुड़े जो भी कष्ट हैं, उनसे छुटकारा मिलेगा.

मेष राशि के जातकों के लिए मार्च 2026 का महीना थोड़ा सा तनाव को बढ़ाने वाला तथा मन में तमाम प्रकार के शक और संदेह पैदा करने वाला रहेगा. सेहत नरम रहेगी. जिसके कारण अन्य कार्य भी प्रभावित होंगे. 26 मार्च में शुरू होकर पूरे अप्रैल माह में कुछ ऐसी ही स्थिति रहेगी. इस दौरान विवाद से बचें. स्वजनों से बैर भावना बढ़ेगी. महत्वपूर्ण कार्य कहीं ना कहीं थोड़ी बहुत रूकावटों के बाद सफलता मिलेगी. जून का महीना मध्यम फलदायी कहा जाएगा. इस मास में नेत्र कष्ट और पेट से संबंधित पीड़ा हो सकती है. कार्यों के प्रति लापरवाही और आलस्य आ सकता है.

पंडित जी के अनुसार मेष राशि के जातक जुलाई माह में अपनी मेहनत के दम पर और भाग्य के सहारे उन्नति को प्राप्त होंगे. शेयर या दूसरे प्रकार के सेविंग से जुड़े कार्यों को करने पर लाभ होगा. अगस्त की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन इस महीने के उत्तरार्ध में मेष राशि के जातकों के लिए अधिक श्रम और संघर्ष करना पड़ सकता है. मेष राशि के जातकों के लिए सितंबर और अक्टूबर का महीना थोड़ा सा भारी कहलाएगा. इस दौरान अनावश्यक विवाद, पारिवारिक उलझनें और बेवजह के खर्च आदि से मन परेशान रहेगा. रोजी रोजगार में भी असंतोष रहेगा. इस माह में विश्वासपात्र लोगों से भी धोखा मिल सकता है. स्वजनों के साथ तनाव रह सकता है. चोट-चपेट की आशंका रहेगी. आमदनी की अपेक्षा खर्च कुछ ज्यादा होंगे.

अक्टूबर महीने के उत्तरार्ध में लगभग सितंबर जैसे ही फल मिलेंगे, लेकिन 14 अक्टूबर 2026 के बाद से थोड़ा सा रिलीफ मिलना शुरू हो जाएगा. इस दौरान कार्य सफल होंगे और आरोग्य भी प्राप्त होगा, लेकिन नवंबर और दिसंबर यानि साल 2026 के आखिरी दो महीने मेष राशि के जातकों के लिए बहुत अनुकूल फल देने वाले होंगे.

वृषभ राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2026 अत्यंत ही शुभ रहने वाला है. साल के दो महीनों को यदि छोड़ दें तो चीजें पूरे साल आपके अनुकूल रहने वाली हैं. साल के पहले तीन महीने - जनवरी, फरवरी और मार्च तीनों ही आपको आपके लिए अच्छे कहे जाएंगे. इस दौरान आपके आवश्यक कार्य सिद्ध होंगे. लंबी दूरी की यात्राएं होंगी. खेती, व्यापार या फिर नौकरी जो भी कार्य आप करते हैं, उसमें आपको मनचाही सफलता और लाभ की प्राप्ति होगी. आपके यश और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. मार्च महीने में आप अपनी वाणी और चातुर्य से कोई बड़ा कार्य पूरा करने में कामयाब होंगे. शत्रुओं पर विजय मिलेगी. अप्रैल में वृषभ राशि यदि अपने क्रोध पर काबू रखें तो परिवार में प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा.

मई महीने में आपको सेहत का ख्याल रखना होगा. इस माह आपका कोई पुराना रोग उभर सकता है. परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद होने के कारण मानसिक तनाव या विपरीत लिंग के व्यक्तियों से टकराव हो सकता है. इस दौरान आपके लिए शक्ति की साधना यादि दुर्गा जी की पूजा करना शुभप्रद साबित होगा. जून महीने में चीजें एक बार फिर आपके लिए अनुकूल हो जाएंगी. पूर्व महीने की नकारात्मकता दूर होगी और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी. प्रभावी लोगों के संबंध बनेंगे और लाभ की प्राप्ति होगी. सुख-साधनों की वृद्धि होगी. शुभ समाचार प्राप्त होगा. प्रगति के नये अवसर मिलेंगे.

जुलाई, अगस्त और सितंबर भी आपके लिए अच्छे कहे जाएंगे. इसमें जुलाई और सितंबर का महीना अत्यधिक शुभ फल देने वाला साबित होगा. अगस्त के महीने में थोड़ा बहुत सामाजिक मान प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ेगा. इस दौरान आपको परिवार से जुड़ी कोई समस्या परेशान कर सकती है. वहीं अक्टूबर का महीना नई कार्यप्रणाली विकसित करने वाला होगा. इस दौरान आपको आर्थिक अभाव तो नहीं होगा, लेकिन संचित धन को आप किसी कार्य विशेष के लिए खर्च कर सकते हैं. नवंबर और दिसंबर के महीने वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छे रहने वाले हैं. इस दौरान जितने भी रुके हुए काम होंगे, वे पूरे होंगे और आपको लाभ की प्राप्ति होगी. यदि आप राजनीतिक क्षेत्र में हैं तो आपको आपके कद एवं पद में वृद्धि होगी.

मिथुन राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार मिथुन राशि के जातकों के लिए 2026 में ग्रह गोचर शुभ फल देने वाले हैं. आपकी शैक्षणिक प्रगति, नैतिक कार्यों में रुचि और जरूरी कामों में व्यवहार कुशलता देखने को मिलेगी. इसके परिणाम स्वरुप आप मनचाही सफलता प्राप्त करेंगे. फरवरी 2026 में मिथुन राशि के जातक व्यावसायिक क्षेत्र में पुराने मित्रों का सहयोग प्राप्त करेंगे. परिवार के किसी सदस्य की तरफ से शुभ समाचार प्राप्त होगा. तनाव दूर होगा और मानसिक शांति मिलेगी. मार्च के महीने में यह शांति और सुकून और बढ़ेगा और आप अपने कार्य को बेहतर तरीके से करेंगे.

अप्रैल 2026 में मिथुन राशि के लिए थोड़ा प्रतिकूल कहा जाएगा. इस दौरान आपको अपने विरोधियों से सावधान रहना होगा. शत्रुओं की वृद्धि होगी और सरकारी कार्यों में बाधा आ सकती है. इस दौरान आपको अपनी दिनचर्या और खानपान सही रखना होगा. अप्रैल के उत्तरार्ध में एक बार आप फिर गणपति की कृपा से तमाम समस्याओं से उबर कर सुख और सफलता को प्राप्त करेंगे. मई माह में आपका गुडलक और बढ़ता हुआ नजर आएगा. पूर्व में चले आ रहे कष्ट दूर होंगे और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी.

जुलाई महीने में आपको कामकाज के सिलसिले में अधिक भागदौड़ करनी पड़ सकती है. इस दौरान आप जितना परिश्रम करेंगे आपको उतनी सफलता नहीं मिलेगी, जिसकी वजह से आपको थोड़ा मानसिक तनाव और शारीरिक थकान जैसी समस्या से जूझना पड़ सकता है. इस दौरान अपने सीनियर के साथ वाद-विवाद से बचना होगा. अगस्त 2026 का महीना मिथुन राशि के जातकों के लिए जबरदस्त बदलाव लाने वाला साबित होगा. इस दौरान आप एक सफल व्यक्ति के रूप में स्थापित होंगे. आपके कामकाज की प्रशंसा होगी.

सितंबर और अक्टूबर दोनों महीने में मिथुन राशि के जातकों के लिए अच्छे कहे जाएंगे. सेहत सामान्य रहेगी और पारिवारिक विवाद दूर होंगे. मित्रों और परिजनों का विशेष सहयोग प्राप्त होगा. आर्थिक लाभ होगा. नवंबर और दिसंबर महीने में एक बार फिर आपको थोड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा. इस दौरान जीवनसाथी या फिर संतान से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान स्वयं की सेहत का भी ख्याल रखना होगा.

कर्क राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार कर्क राशि के जातकों के लिए साल 2026 बड़ी सफलता दिलाने वाला वाला साबित होगा. यदि 2026 के 2 महीने मई और जून को छोड़ दें तो पूरे साल आपके साथ सुख और सौभाग्य बना रहेगा. साल की शुरुआत किसी नये कार्य के शुभारंभ के साथ होगी. बीते साल से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकलेगा. फरवरी के महीने में आपका प्रतिष्ठित लोगों के साथ संपर्क बढ़ेगा. अनुभवी लोगों से मिली सलाह आपके लिए लाभप्रद साबित होगी. सौभाग्य में वृद्धि होगी. धर्म-कर्म के कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा. कारोबार में विशेष लाभ और प्रगति होगी. अप्रैल का महीना सामान्य रहने वाला है. हालांकि इस माह आपको कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है.

कर्क राशि के जातकों के लिए मई और जून का महीना थोड़ा प्रतिकूल रहने वाला है. इस दोरान आप किसी चिंता से ग्रस्त रह सकते हैं. करियर और घर आदि में बदलाव हो सकता है. छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान आ सकता है. कारोबार में लाभ की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना होगा. इस दौरान धन सोच-समझकर खर्च करें अन्यथा आर्थिक दिककतें झेलनी पड़ सकती है. जुलाई और अगस्त 2026 के दो महीने आपकी खुशियों को लौटाने आएंगे. इस दौरान धन लाभ और मित्रों का साथ मिलेगा. परिवार के सदस्यों के साथ सुखद समय बिताएंगे. इस महीने आपको मनचाही चीजें प्राप्त हो सकती हैं. आपका बौद्धिक तथा शैक्षिक विकास होगा. व्यापारिक लाभ होगा. दांपत्य जीवन सुखमय बना रहेगा.

सितंबर के महीने में अचानक से कोई बड़ी समस्या आ जाएगी लेकिन आप अपने विवेक से उसका समाधान निकालने में कामयाब रहेंगै. इस दौरान आप चीजों को सुलझाने की कोशिश करेंगे लेकिन आपको धीरे-धीरे सफलताएं मिलेंगी. अक्टूबर 2026 में कर्क राशि के जातक नए कार्य और व्यवसाय के लिए आतुर दिखेंगे. इस दौरान ईमानदारी और निष्ठा से काम करने पर मनचाहे फल प्राप्त होंगे. कर्क राशि के जातकों के लिए नवंबर और दिसंबर का महीना बड़ी उपलब्धियों को लिए रहने वाला है. इन दो महीने में आपको ढेर सारी खुशियां और सफलता मिलेगी. आप व्यापार और सरकारी नौकरी में उन्नति कर सकेंगे. आपके परिश्रम और प्रयास की प्रशंसा होगी. दिसंबर के महीने में आप अपने कार्य में खूब व्यस्त जरूर रहेंगे लेकिन सफलताएं लगातार प्राप्त करते हुए शिखर तक पहुंच सकेंगे.

सिंह राशि का वार्षिक राशिफल 2026

सिंह राशि के जातकों के लिए वर्ष 2026 मिश्रित फलदायी कहा जाएगा, हालांकि शनि की शांति करने तथा सूर्य को बलवान बनाने और हनुमत साधना करने से नकारात्मक फल से बचाव और शुभता प्राप्त होगी. साल 2026 के जनवरी-फरवरी माह में सिंह राशि वालों के लिए शुरुआत अच्छी कही जाएगी. इस दौरान पदोन्नति की संभावनाएं बनेंगी. अपने साथियों से सहयोग मिलेगा, लेकिन जरूरी है कि हम कार्य व्यवहार में सचेत रहें और यह सावधानी रखें कि हमें अपने सहयोगियों की अपेक्षा नहीं करनी है. परिस्थितियों अनुकूल होंगी. कारोबार में वृद्धि का योग बनेगा. फरवरी माह में थोड़ी बहुत धनागम में कमी आ सकती है. परिवार में थोड़ी अशांति हो सकती है. इस दौरान स्थान परिवर्तन की संभावनाएं भी बनती हैं.

पंडित जी के अनुसार मार्च 2026 में सिंह राशि के जातक अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहेंगे. इस दौरान उन्हें अपने कार्य सावधानी के साथ करने होंगे. वहीं अप्रैल, मई और जून के महीने थोड़े विपरीत फल देने वाले रहेंगे. इस दौरान सिंह राशि पर झूठे आरोप लगत सकते हैं. इस दौरान अपने विरोधियों से सावधान रहें तथा धन का निवेश और खर्च को समझदारी से करें. हालांकि मई का महीना लगते ही आपकी चीजें एक बार फिर पटरी पर आने लगेगीं.

सिंह राशि के जातकों के लिए जुलाई 2026 का महीना सामान्य रहने वाला है. इस दौरान आपको कारोबार में न तो लाभ और न ही हानि वाली स्थिति रहेगी. सेहत की दृष्टि से आपको इस दौरान सावधानी बरतनी होगी तथा क्रोध करने से बचना होगा. इस दौरान सूर्य साधना और ध्यान करने से ग्रह-गोचर को अनुकूल बना सकते हैं. सिंह राशि के जातकों को अगस्त के महीने में सट्टा-शेयर जैसी चीजों से दूर रहना उचित रहेगा.

अक्टूबर 2026 में सिंह राशि के जातक थोड़ा सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव के फलस्वरुप कार्यों को सिद्ध कर सकेंगे. सफलताओं की ओर बढ़ेंगे. इस दौरान आप आर्थिक परेशानियों से भी निजात पा जाएंगे. नवंबर और दिसंबर 2026 सिंह राशि के जातकों के लिए जांच परख कर कार्य करने वाला साबित होगा. इस दौरान आपकोअपने कार्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का प्रयास करना चाहिए. साल के आखिरी महीने यानि दिसंबर में सिंह राशि के जातकों को संभल कर कार्य करने होंगे. इस दौरान जोखिम भरे निवेश से बचें तथा बड़े निर्णय सावधानी के साथ करें. ज्योतिष का सर्वमान्य नियम है कि शनि की ढैया में किसी भी प्रकार का नीतिगत निर्णय नहीं करना चाहिए अर्थात जैसा चल रहा है उसी को और अच्छे ढंग से वृद्धि करके प्राप्त करें.

कन्या राशि का वार्षिक राशिफल 2026

पंडित जी के अनुसार कन्या राशि वाले लोगों के लिए वर्ष 2026 मिला-जुला असर रखता है. साल के आरंभ में अर्थात जनवरी-फरवरी में इस राशि के जातक शुभ कार्यों का संपादन कर सकेंगे. श्रम संघर्ष की अधिकता आएगी और दैनिक कार्यों में थोड़े-बहुत व्यवधान भी होंगे लेकिन अंतत: आपको सफलता मिलेगी. आर्थिक लाभ के पूरे योग हैं. श्रेष्ठ जनों का मार्गदर्शन आपको मिलेगा. जीवन के भौतिक पदार्थों में वृद्धि कर सकेंगे. कन्या राशि के जातक मार्च 2026 में अपना आत्मविश्वास अर्जित करेंगे. इस दौरान परिस्थितियों को अपने पक्ष में करेंगे. पूर्व नियोजित कार्यों को निपटाने में सफलता प्राप्त करेंगे. आर्थिक पक्ष को मजबूती प्रदान करने के लिए भी आपके पास पर्याप्त संसाधन बन पड़ेंगे.

कन्या राशि के जातकों के लिए अप्रैल, मई और जून के 3 महीने बहुत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. इस दौरान आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. यदि आपकी शेयर बाजार में रुचि है और इससे जुड़ाव बना है तो आप इस दौरान सफलता प्राप्त करेंगे. व्यापारिक संबंधों का विस्तार होगा. जून के महीने में कोई मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी. जिससे आपका काफी प्रसन्न रहेगा. इस दौरान अपनी दयालुता विनम्रता के कारण आप किसी जरूरत से ज्यादा चालाक व्यक्ति के शिकार बन सकते हैं. अतः आपको सावधानी रखनी चाहिए.

कन्या राशि के जातक जुलाई के महीने से धीरे-धीरे प्रगति के पथ की ओर अग्रसर होंगे. योग्य व्यवहार से व्यावसायिक लाभ की प्राप्ति होगी. धर्मपत्नी या जीवनसाथी के रोग बाधा का निवारण होगा. इस दौरान सूर्य उपासना और बुध ग्रह की आराधना से आप अपने सभी रुके हुए काम पूरे कर सकेंगे अगस्त और सितंबर 2026 कन्या राशि के जातकों के लिए अनुकूल साबित होंगे. इस दौरान विशेष स्नेही जनों से आपकी मुलाकात होगी. व्यापार और व्यवसाय में उतार-चढ़ाव जरूर आएगा लेकिन अंतत सफलता प्राप्त होगी.

अक्टूबर माह में आपकी नैतिक कामों में आपकी रुचि बढ़ेगी. शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होगी. सुख और आनंद की अनुभूति होगी. नवंबर 2026 का महीना कन्या राशि के जातकों के लिए थोड़ा मन को बेचैनी दिलाने वाला है, लेकिन आपको इस दौरान कर्म का पूरा फल मिलेगा. इस दौरान यात्राएं थोड़ी अधिक करनी पड़ सकती हैं, लेकिन उनसे आपको लाभ ही होगा जबकि दिसंबर 2026 में कन्या राशि के जातक कृषि व्यापार नौकरी की स्थिति में बहुत सुधार कर लेंगे. इस माह में आपके पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोत्तरी होगी.

तुला राशि का वार्षिक राशिफल 2026

तुला राशि के जातकों के लिए साल 2026 के प्रमुख ग्रह-गोचर 75 प्रतिशत तक अनुकूल रहने वाले हैं, सिर्फ 25 प्रतिशत ही प्रतिकूल रहेंगे. इस तरह देखा जाए तो आपके लिए ग्रह योग अच्छे कहे जाएंगे. हालांकि इस साल श्रम और संघर्ष के पश्चात ही मनचाही सफलता प्राप्त होगी. तुला राशि के लिए शनि और राहु का गोचर वर्ष 2026 में छठवें होंगे जो ऋण रोग और शत्रुता का नाश करने वाले होंगे तथा शत्रुहन्ता योग भी बनाएंगे.

पंडित जी के अनुसार तुला राशि के लिए उच्च के गुरु वर्ष 2026 में बहुत अच्छे फल देने वाले हैं, फलस्वरुप आध्यात्मिक कार्यों में वृद्धि तथा तीर्थाटन या फिर दूसरे प्रकार के आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होंगे. माता-पिता गुरु की सेवा के लिए मन प्रेरित होगा और उसका लाभ भी होगा. इसके साथ ही साथ नैतिक कार्यों से धनागम में वृद्धि होगी और संसार की ओर से मन थोड़ा दूसरे कार्यों की ओर भी प्रेरित होगा, जिनमें प्रमुख रूप से अध्ययन-अध्यापन और आध्यात्मिक उन्नति होगी.

यदि हम तुला राशि के जीवन से जुड़े कृष्णपक्ष की बात करें तो तुला राशि के लिए वर्ष 2026 के पूर्वार्ध में केतु 12वें होंगे जो कि व्ययकारी हैं, इसलिए मानसिक शांति, धन से जुड़ी समस्या आदि के लिए संक्षिप्त उपाय करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है. केतु की गोचर संबंधी प्रतिकूलता से निजात पाने के लिए कुत्ते को रोटी खिलाने का उपाय आपके लिए लाभप्रद साबित होगा. इसके साथ दुर्गा जी की उपासना से भी विशेष लाभदायी रहेगी.

यदि बात करें साल 2026 के उत्तरार्ध की तो इस दौरान शनि और राहु राशि परिवर्तन करके वक्री गति को तय करते हुए अपनी पिछली राशि कुंभ में आ जाएंगे और केतु भी सिंह से कर्क राशि में आएंगे. गुरु के साथ हो जाएंगे शनि राहु की युति रहेगी. गुरु केतु भी युति में आएंगे. यह स्थिति तुला राशि के लिए तुलनात्मक दृष्टि से अच्छी होगी. यूं कहा जा सकता है कि तुला राशि के लिए वर्ष 2026 का उत्तरार्ध अधिक लाभदायक पर मनोवांछित फल देने वाला है.

वृश्चिक राशि का वार्षिक राशिफल 2026

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए साल 2026 के पहले छह महीने मिश्रित फल प्रदान करने वाले हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि इन छह महीने में आपको अधिक संघर्ष और परिश्रम करना पड़ सकता है. हालांकि आपके कार्य बनेंगे, लेकिन उसके लिए कार्य की अधिकता से परिणाम की न्यूनता प्राप्त होगी. शनि और राहु आपके सुख में कमी करेंगेत्र इस दौरान वृश्चिक राशि के लोगों को निरर्थक यात्राएं करनी पड़ सकती है. तमाम तरह की कठिन परिस्थितियों से बचते हुए वृश्चिक राशि के जातकों को हनुमान जी की आराधना करके इस प्रतिकूल समय को अनुकूल में बदलने का प्रयास करना चाहिए.

हालांकि जून 2026 के पश्चात वृश्चिक राशि के जातकों की स्थिति बहुत अनुकूल रहने वाली है. वृश्चिक राशि के संदर्भ में यदि हम वर्ष 2026 में होने वाले चार महत्वपूर्ण ग्रहण के गोचर को देखें तो गुरु वृश्चिक राशि के लिए आरंभिक 6 माह में नवम रहेंगे और बाद के छह माह में दसवें हो जाएंगे गुरु के यह दोनों ही गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुभ फल देने वाले हैं एक और जहां भाग्य की वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर आजीविका व्यापार नौकरी इत्यादि में अप्रत्याशित उन्नति के योग भी बनेंगे

गृह परिषद में न्यायाधीश की संज्ञा प्राप्त शनि ग्रह का गोचर वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अच्छा फल देने वाला है. वर्ष 2026 में रजत पद से शनि का गोचर होने के कारण वृश्चिक राशि के जातकों के सभी प्रयास सफल होंगे. आय के नए-नए साधन बनेंगे और अपने परिचय क्षेत्र में आने वाले व्यक्तियों से सहयोग भी प्राप्त होगा. इस प्रकार आपकी आजीविका में वृद्धि होगी. ठीक इसी तरह केतु भी वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दसवें होने से बहुत शुभ फल देंगे. अपने स्वयं के विवेक कौशल और चतुर से सभी कामों को अंजाम दे पाएंगे और जीवन से नकारात्मकता कम होकर सकारात्मक की ओर अग्रसर होंगे.

मानसिक तनाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें. उल्लेखनीय की वर्ष 2026 के उत्तरार्ध में ग्रह वक्री होकर राशि परिवर्तन करेंगे तो जिन व्यक्तियों के ग्रह जन्म के समय वक्री थे, उन्हें अपेक्षाकृत अधिक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा, परंतु हनुमान चालीसा का पाठ मंगलवार को करने व नित्य प्रति हनुमान चालीसा तथा हनुमान जी का दर्शन करने से लाभ होगा.

धनु राशि का वार्षिक राशिफल 2026

वर्ष 2026 में ग्रहों हम प्रमुख चार ग्रह अर्थात गुरु शनि राहु और केतु को भी लेते हैं और ग्रहों की वक्रता को भी यदि ध्यान में रखें तो वर्ष 2026 धनु राशि के जातकों को नये साल में कठिन परीक्षा देनी पड़ सकती है. सामान्य पाराशरीय ज्योतिष के दृष्टिकोण से वर्तमान में सिंह और धनु दोनों ही राशियों पर शनि का ढैय्या चली रही है. शनि और राहु के प्रतिकूल होने के साथ-साथ गुरु भी प्रतिकूल हैं, क्योंकि वह गोचर में धनु राशि के लिए अष्टम हो जाते हैं. इसके साथ ही साथ शनि राहु चतुर्थ हो जाते हैं. चौथे और आठवें होने के कारण यह अपनी पूरी प्रतिकूलता को प्रकट करने का प्रयास करते हैं और व्यक्तियों को नाना प्रकार से कष्ट देते हैं. केवल केतु का गोचर उनके लिए अनुकूल है. ऐसे में आध्यात्मिक व्यक्तियों के संपर्क और सलाह से धनु राशि के कार्य सिद्ध होंगे.

धनु राशि के जातकों के लिए यह प्रतिकूलता वर्ष 2026 के प्रथम छह माह में अधिक रहेगी. उसके बाद के जो 6 माह हैं, जिसे हम उत्तरार्ध की संज्ञा दे रहे हैं, उनमें अपेक्षाकृत आरामदायक स्थिति रहेगी. गुरु और केतु के परिणाम स्वरूप पूर्वार्ध के 6 माह में हुए सभी प्रकार की क्षति की पूर्ति व्यक्ति साहस और पराक्रम में हुई वृद्धि तथा विभिन्न प्रकार के संपर्क और प्रयासों से दूर हो सकेगी. बुरे समय को अच्छे समय में बदल सकेंगे. उल्लेखनीय की धनु राशि के जातकों का स्वामी गुरु होता है, वह भी उत्तरार्ध में अनुकूल हो जाएंगे.

बृहस्पति देव के अनुकूल होने से सभी प्रकार के काम आसानी से बनने आरंभ हो जाएंगे, लेकिन आरंभ के छह माह में गुरु जो है धनु राशि के लिए भले ही आठवे स्थान पर हैं परंतु है केंद्र में और वह भी उच्च के तो यहां हमें प्राचीन ज्योतिष के इस नियम को अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि जिसके केंद्र में उच्च का गुरु होता है उसके अन्य सभी ग्रह भी मिलकर कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं. जिस प्रकार हाथियों का झुंड भी मिलकर शेर का कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

धनु राशि के जातकों को आध्यात्मिक और वैदिक कार्यों से संलग्न रहकर जहां तक हो सके अपने आचरण को पवित्र रखना चाहिए. साथ ही साथ प्रतिदिन देव स्थान पर जाकर इष्ट देव भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. धनु राशि के जातकों के द्वारा श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से भी अच्छे फल प्राप्त होंगे

मकर राशि का वार्षिक राशिफल 2026

मकर राशि के स्वामी शनि हैं जो कि उनके लिए लाभप्रद अर्थात द्वितीय भाव में बैठे हैं और जो विद्या बुद्धि वाणी के माध्यम से सभी प्रकार के कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने वाले हैं. वर्ष के प्रारंभिक 6 महीने में यह तृतीय रहेंगे और तृतीय रहने के कारण शौर्य और पराक्रम में वृद्धि करेंगे साहस की वृद्धि होगी. मकर राशि वाले अपने शत्रु पक्ष पर अच्छी तरह विजय प्राप्त कर सकेंगे. इसके साथ ही साथ गुरु भी मकर राशि के जातकों के लिए सातवें होने से केंद्रस्थ गुरु होने का फल देंगे और उनका परचम सदैव लहराता रहेगा. उनके द्वारा हाथ में लिए गए समस्त कार्य पूर्णता को भी प्राप्त होंगे. इतना ही नहीं अपितु सातवें गुरु के साथ-साथ नवे भाव का केतु मोक्षदायक भी होगा और वह बहुत अच्छे फल दिलाने वाला साबित होगा.

ऐसे में हमें चाहिए कि हम किसी भी प्रकार का भय अपने मन में ना रखें कि यह ग्रह हमारे लिए कोई प्रतिकूलता देने वाले हैं. वर्ष 2026 मकर राशि के जातकों के लिए पूरी तरह से शुभ फल देने वाला साबित होगा. मकर राशि में जन्मे जातकों को साल 2026 में जमीन के नीचे से निकले पदार्थ का व्यापार करने से भी लाभ होगा. सभी प्रकार के कार्यों में स्थिरता आएगी. बार-बार काम बदलने की प्रवृत्ति उनमें नहीं होनी चाहिए क्योंकि एक बार सोच समझकर गंभीरतापूर्वक लिया गया निर्णय उनके लिए वरदान साबित होगा, लेकिन यदि वह अपने निर्णय को बार-बार बदलते हैं तो ऐसी स्थिति में हानि हो सकती है. ऐसे में मकर राशि के लोगों को अपनी पूरी सूझबूझ और योग्यता के आधार पर एक बार किसी भी आजीविका के साधन को हाथ में लें तो उसे पूर्णता तक पहुंचाएं.

पंडित जी के अनुसार यदि किसी ग्रह की महादशा, अंतर्दशा बहुत खरष्टक योग कारक है, तब हमें विशिष्ट प्रकार के उपायों की आवश्यकता होगी. जिनमें प्रमुख रूप से शनिवार का व्रत, मंत्र, स्तोत्र और शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल और शाम को तेल का दीपक चढ़ाना लाभदायक होगा. इसके साथ हनुमान जी की पूजा भी विशेष फलदायी रहेगी.

कुंभ राशि का वार्षिक राशिफल 2026

साल 2026 की शुरुआत होते ही कुंभ राशि के लिए सफलताओं का दौर आरंभ हो जाएगा, हालांकि कुंभ राशि के लिए वर्ष 2026 में शनि की साढ़ेसाती चल रही होगी परंतु हम याद रखें कि यह शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण होगा. कहने का तात्पर्य यह कि ढाई-ढाई वर्ष के तीन क्रम में अंतिम कालखंड होगा जो कि अच्छा फल देने वाला साबित होगा. इसमें जितना कुंभ राशि के जातकों को पूर्व में हानि हुई है, उनकी वह श्रम संघर्ष करके और अच्छे ग्रहण का लाभ उठा करके भरपाई कर सकते हैं.

कुंभ राशि के जातकों के लिए नए कार्य हाथ में लेना अच्छा रहेगा. इसके साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति जो अपने कार्य व्यापार को संपादित कर रहे हैं, उसमें बढ़ोतरी होगी. विद्यार्थियों को शैक्षणिक क्षेत्र में उन्नति प्राप्त होगी. जो लोग आजीविका के लिए नौकरी करते हैं उन्हें भी वर्ष 2026 में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे और नई-नई चुनौतियां मिलेगी जिनको वह सफलतापूर्वक पूरा कर सकेंगे और इसके द्वारा उन्हें यश मान सम्मान और प्रतिष्ठा भी प्राप्त होगी.

कुंभ राशि के जातकों का खास बात यह होती है कि उनकी राशि का स्वामी ही शनि है और वही शनि की साढ़ेसाती का प्रमुख कारक होता है, इसलिए वह जो हानि भी पहुंचाता है, उसमें भी जातक का भला रहता है. बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई मां-बाप अपने पुत्र को या फिर कोई गुरु अपने शिष्य को यदि किसी प्रकार का दंड देता है तो उसे सुधारने के लिए करता है. साथ ही साथ वह दंड की सीमा रखता है, ताकि उसको किसी प्रकार की स्थाई क्षति न हो. कुल मिलाकर शनि की साढ़ेसाती होते हुए भी कुंभ राशि के जातक वर्ष 2026 में अपनी खोई हुई यश मांग प्रतिष्ठा तथा खो चुके धन को भी अर्जित कर सकेंगे. लोकप्रियता हासिल कर सकेंगे

कुंभ राशि के जातकों के लिए दुर्गा जी की उपासना तथा शनि ग्रह की शांति करवाना शुभ साबित होगा. शनिवार को प्रातः पीपल पर जल तथा शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाएं तथा दुर्गा सप्तशती में से दुर्गा जी के 108 नाम का पाठ या फिर दुर्गा जी के 32 नाम और सिद्ध कुंजिका स्त्रोत का पाठ करके भी लाभ उठा सकते हैं.

मीन राशि का वार्षिक राशिफल 2026

ज्योतिष शास्त्र में शनि राहु की युति अर्थात उनका एक भाव में बैठना पितृ दोष अथवा पिशाच योग के नाम से जाना जाता है. गौरतलब है कि वर्ष 2026 में आरंभ के छह माह में मीन राशि पर ही शनि राहु की युति अर्थात पिशाच योग बनेगा. जिसका थोड़ा खामियाजा मीन राशि के जातकों को भी उठाना पड़ेगा क्योंकि इसका परिणाम सदैव नकारात्मक ही होता है. खास बात ये कि इस पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि भी नहीं है, अतः मीन राशि के जातकों को संभल करके निर्णय लेने होंगे. वाहन इत्यादि को चलाने में सावधानी बरतनी होगी.

12वें घर के शनि राहु व्यर्थ का अपव्यय बहुत करते हैं जिसके फलस्वरूप आमदनी कम और व्यय अधिक होने से वित्तीय स्थिति बिगड़ने लगती है. फलस्वरूप मनुष्य के मानसिक संताप और पारिवारिक क्लेश का कारण भी बनती है. इसके कारण कभी-कभी कुछ ऐसी क्षति भी हो जाती हैं जो कि स्थाई हो जाती है. उदाहरण के लिए यदि मीन राशि के जातक अपने बच्चों की पढ़ाई इत्यादि करवा रहे हैं और उन्हें अच्छे संस्थान में पढ़ाना चाहते हैं, परंतु वर्तमान में धन की कमी होने के कारण ऐसा नहीं कर पाए तो वह स्थायित्व में बदल जाता है. ऐसे में सलाह यह है कि उतना ही व्यय करें, जितना आप आगे चलकर के उसकी भरपाई कर सकें. बहुत अधिक कर्ज मीन राशि के जातकों को नहीं लेना चाहिए. साथ ही साथ वर्ष 2026 के पूर्वार्ध में मीन राशि पर ही शनि राहु रहेंगे और सातवें केतु होंगे.

मीन राशि के लोगों को सेहत से संबंधित सावधानियां भी रखनी होगी. किसी भी प्रकार के शारीरिक विकार के संकेत मिलने पर दुआ और दवा दोनों का सहारा लेते हुए उस दोष को दूर करने का उपाय समय पर करना होगा. वर्ष 2026 के उत्तरार्ध में जब शनि और राहु वक्री होकर कुंभ में जाएंगे, अर्थात अपनी पिछली राशि में जाएंगे, तब भी वह मीन राशि के लिए 12वें होंगे. अतः प्रतिकूल परिणाम ही देंगे, परंतु उसे समय एक अच्छी स्थिति यह बनेगी की कर्क राशि से गुरु भी वक्री होकर सिंह में पहुंच जाएंगे. फलस्वरुप में कुछ अनुकूल प्रभाव देंगे. मीन राशि के जातकों की साढ़ेसाती का बीच वाला ढैय्या 2 जून 2027 तक चलेगा, इसके पश्चात अंतिम ढैया जो होगा, वह बहुत अच्छा फल देने वाला रहेगा. किसी भी संकट से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना अवश्य करें और शनि की परोक्ष रूप से शांति भी कराएं.

Author Name

NEWSBIN24

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.