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LPG, FD और ITR समेत एक सितंबर से बदल जाएंगे ये 7 नियम, जानें आप पर क्या होगा असर
दरअसल, बैंकिंग, गैस सिलेंडर बुकिंग, इमिग्रेशन प्रोसेस और इनकम टैक्स जैसे क्षेत्रों में लागू हो रहे इन नियमों के तहत कई काम समय सीमा के भीतर पूरे करने जरूरी हैं. यदि आप पेनल्टी या असुविधा से बचना चाहते हैं, तो सितंबर की शुरुआत से पहले इन 7 बड़े बदलावों की पूरी जानकारी जरूर रख लें.
एक सितंबर से भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर बड़ी सुविधा मिलने जा रही है. दरअसल, अब ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक अब इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर भौतिक स्टाम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास (e-Boarding Pass) या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे बोर्डिंग पास पर स्टाम्प धुंधला होने या खोने जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा और इमिग्रेशन में लगने वाला समय भी कम होगा.
घरेलू एलपीजी गैस (LPG Cylinder) का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 31 अगस्त तक का समय बेहद अहम है. दरअसल, इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी कराने की समय सीमा 31 अगस्त तय कर रखी है. अगर आप समय पर आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराते हैं, तो 1 सितंबर से घरेलू दर पर मिलने वाली सब्सिडी या सिलेंडर की सप्लाई पर असर पड़ सकता है.
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 सितंबर को भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां गैस सिलेंडरों के नए दाम जारी करेंगी. इससे पहले 1 अगस्त को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर में 202 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी, जबकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई थीं. इसके अलावा, महीने की शुरुआत में ही विमान ईंधन (ATF) के साथ-साथ CNG और PNG की नई दरें तय की जाती हैं. लिहाजा, एक सितंबर को जारी होने वाले एटीएफ के नए दामों का सीधा प्रभाव हवाई यात्रा के किरायों पर पड़ेगा.
व्यापार या व्यवसाय से आय अर्जित करने वाले टैक्सपेयर्स यानी जिन्हें ऑडिट की आवश्यकता नहीं है. उनके लिए मूल्यांकन वर्ष 2026-27 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है. ये करदाता फॉर्म 3 और 4 का उपयोग करके अपना रिटर्न जमा कर सकते हैं. समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर जुर्माना देना पड़ सकता है.
1 सितंबर 2026 से अमेरिकन एक्सप्रेस भारत में प्लैटिनम ट्रैवल क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले माइलस्टोन रिवॉर्ड्स में कटौती कर रहा है. इसके तहत 1.9 लाख रुपये के खर्च पर मिलने वाले 7,500 अतिरिक्त मेंबरशिप पॉइंट्स बंद हो जाएंगे, हालांकि 4 लाख के माइलस्टोन पॉइंट्स यथावत रहेंगे. इसके साथ ही, एक्सिस बैंक ने भी अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों और शर्तों में संशोधन किया है, जो 28 अगस्त 2026 से लागू हो चुके हैं.
बढ़ती कीमतों को थामने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने चीनी के थोक खरीदारों पर स्टॉक लिमिट तय कर दी है. यह पाबंदी एक सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले व्यवसायों को अब अधिकतम 15 दिनों की आवश्यकता के बराबर ही स्टॉक रखने की अनुमति होगी.
बैंकिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों के तहत बड़े फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों में बदलाव तय किए गए हैं. इसके तहत एक सितंबर को बैंकों को 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बल्क एफडी पर रोजाना सुबह 10:10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी. हालांकि, यह पारदर्शी नियम 1 अक्टूबर 2026 से पूर्ण रूप से लागू होगा.
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष,
🌞सुप्रभातम🌞
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दिनांक:- 28/08/2026, शुक्रवार
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रेलवे ट्रैक पर Reel बनाना पड़ा भारी, ट्रेन की चपेट में आई 19 साल की लड़की, दोनों हाथ कटे
रील बनाने का जुनून कई बार युवाओं पर बहुत भारी पड़ जाता है. झारखंड के रांची में एक युवती ने रेलवे ट्रैक पर रील बनाने के चक्कर में अपने दोनों हाथ गंवा दिए. सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का चस्का उसे जीवनभर का दर्द दे गया. हुआ कुछ यूं कि 19 साल की पूर्णिमा कुमारी गढ़वा जिला के नगर-उटारी रेलखंड पर रेलवे ट्रैक के पास दोस्तों के साथ वीडियो बना रही थी. इसी दौरान वह सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गईं.
इस हादसे में लड़की के दोनों हाथ कटकर अलग हो गए, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं. गंभीर हालत में उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया. घटना मंगलवार की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, पूर्णिमा कुमारी कुछ दोस्तों के साथ रईसा स्थित रेलवे लाइन के पास गई थीं. सभी लोग मोबाइल फोन से Reel बनाने में व्यस्त थे. इसी दौरान रांची की ओर से आ रही रांची-चोपन एक्सप्रेस की चपेट में पूर्णिमा आ गईं.
पूर्णिमा ट्रेन की रफ्तार और दूरी का सही से अंदाजा नहीं लगा सकीं. ट्रेन की चपेट में आने से उनके दोनों हाथ कटकर अलग हो गए.हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.साथ मौजूद दोस्तों ने गंभीर रूप से घायल पूर्णिमा को तत्काल गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर्स ने इसका इलाज शुरू किया. हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया. हादसे की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया. परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे.
यह हादसा सोशल मीडिया पर वीडियो और Reel बनाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है. रेलवे ट्रैक, नदी, झरने, ऊंची इमारत या अन्य खतरनाक स्थानों पर वीडियो बनाने की कोशिश कई बार लोगों की जान पर भारी पड़ चुकी है.
रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की रफ्तार और उसकी दूरी का सही अनुमान लगाना बेहद मुश्किल होता है. ऐसे में महज कुछ लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स के लिए अपनी जिंदगी को जोखिम में डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.पूर्णिमा के साथ हुआ हादसा अन्य युवाओं के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि सोशल मीडिया कंटेंट के लिए अपनी जान को खतरे में न डालें और रेलवे ट्रैक जैसे प्रतिबंधित और जोखिम वाले स्थानों से पूरी तरह दूर रहें.
Meta का बड़ा फरमान! Facebook-Instagram पर लगेगी लगाम, 2 घंटे ही इस्तेमाल कर पाएंगे , रात में रहेगा बंद
Meta's $18 Billion Teen Safety Deal: Meta ने Facebook और Instagram में कई बदलाव करने पर सहमति जता दी है. इसके अलावा कंपनी को 18 बिलियन डॉलर (लगभग 17,18,44,29,00,000 रुपये) भी देना होगा. ये रकम कंपनी अमेरिकी राज्यों को देगी. कंपनी पर आरोप था कि उसके प्लेटफॉर्म इस तरह डिजाइन किए गए थे कि टीनएजर्स यूजर्स ज्यादा समय तक उनसे जुड़े रहें और बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए.
इस समझौते के बाद टीनएजर्स यानी किशोर के लिए Facebook और Instagram इस्तेमाल करने के नियमों में बड़े बदलाव होंगे. अब टीनएजर्स के अकाउंट पर डिफॉल्ट तौर पर डेली दो घंटे की लिमिट होगी. इसके अलावा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक अकाउंट अपने आप लॉक रहेगा. समझौते के तहत Meta की चाइल्ड सेफ्टी व्यवस्था पर 10 साल तक स्वतंत्र निगरानी भी की जाएगी.
Meta ने अमेरिकी राज्यों के साथ समझौतों पर सहमति जताई है. ये मामला उन आरोपों से जुड़ा था जिनमें कहा गया था कि Meta ने जानबूझकर अपने प्लेटफॉर्म को इस तरह बनाया कि युवा यूजर्स ज्यादा समय तक जुड़े रहें. इसके अलावा कंपनी पर ये भी आरोप है कि बच्चों की सेफ्टी को लेकर कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए. साथ ही कंपनी ने 13 साल से कम उम्र के यूजर्स का डेटा गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा किया. इस मामले में 29 अमेरिकी राज्य शामिल हैं. हालांकि, टेक्सास ने अलग समझौता किया है. एक फेडरल जज ने समझौते को मंजूरी दे दी है. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि Meta ने किसी तरह की गलती या गैरकानूनी काम करने की बात स्वीकार की है.
अब क्या बदलेगा? समझौते का सबसे अहम हिस्सा टीएनजर्स के अकाउंट पर लगने वाली नई लिमिटेशन हैं. समझौते के तहत टीनएजर्स को स्थानीय समय के अनुसार रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Facebook और Instagram इस्तेमाल करने से अपने आप रोक दिया जाएगा. उनके अकाउंट पर Meta के ऐप्स में कुल मिलाकर रोजाना दो घंटे इस्तेमाल की सीमा होगी. हालांकि, मैसेजिंग और लंबे वीडियो देखना इस दो घंटे की सीमा में शामिल नहीं होगा. आपको बता दें कि ये नियम समझौते में शामिल अमेरिकी राज्यों के टीनएजर्स पर लागू होंगे. यानी भारत या दूसरे देशों में इसको लागू नहीं किया जाएगा.ये समझौता सिर्फ Meta की तरफ से किए जाने वाले बड़े पेमेंट तक लिमिटेड नहीं है. कंपनी को टीनएजर्स के लिए अपने प्लेटफॉर्म के काम करने के तरीके में भी बड़े बदलाव करने होंगे. ये कदम बच्चों और टीनएजर्स पर सोशल मीडिया के असर को लेकर कई वर्षों से चल रही आलोचना के बाद आया है. एक इंडीपेंडेंट ऑडिटर 10 साल तक Meta के नियमों का पालन करने की निगरानी करेगा और इसका खर्च कंपनी को ही उठाना होगा.
समझौते के तहत पेमेंट 10 साल में 10 सालाना किस्तों में किया जाएगा. कैलिफोर्निया को करीब 1.5 अरब डॉलर से 2.1 अरब डॉलर तक मिल सकते हैं, जबकि न्यू यार्क को 1.13 अरब डॉलर तक मिल सकते हैं.
ये समझौता Meta की कानूनी मुश्किलों का पूरी तरह खत्म नहीं करेगा. कंपनी को अब भी कई मामलों मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिकी राज्यों का ये मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि अगर मामला ट्रायल में Meta के खिलाफ जाता तो कंपनी पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की संभावित पेनल्टी का खतरा हो सकता था.