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पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान में 112 लोगों को प्रशिक्षण दिलाने पर डॉ. समरदीप पांडेय सम्मानित
कानपुर। भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत जूही मंडल में सराहनीय कार्य करने पर भाजपा जूही मंडल मंत्री एवं मिथिलेश क्लीनिक के संचालक जनरल फिजिशियन डॉ. समरदीप पांडेय को कानपुर दक्षिण जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह ने सम्मानित किया।
डॉ. समरदीप पांडेय ने जूही मंडल क्षेत्र में अभियान के अंतर्गत ऐसे लोगों को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाने के लिए प्रेरित किया, जो पूर्व में पार्टी के प्राथमिक सदस्य नहीं थे। उन्होंने लोगों को 8800002024 पर मिस्ड कॉल के माध्यम से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई तथा सरल ऐप के बारे में जानकारी देकर उन्हें डिजिटल माध्यम से पार्टी की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया।
इसके बाद सरल ऐप के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण दिलाया गया। अभियान के दौरान डॉ. समरदीप पांडेय के प्रयासों से 112 लोगों ने प्रशिक्षण पूरा कर प्रमाणपत्र प्राप्त किया।इस सराहनीय कार्य को देखते हुए कानपुर दक्षिण जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह ने केशव नगर स्थित भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय में डॉ. समरदीप पांडेय को मिष्ठान खिलाकर एवं अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर डॉ. पांडेय का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री गणेश शुक्ला, जिला महामंत्री जसविंदर सिंह, जिला सोशल मीडिया प्रमुख विक्की मूरजानी एवं जिला मीडिया प्रभारी संजीव बेरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह ने डॉ. समरदीप पांडेय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को पार्टी की विचारधारा और डिजिटल गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
घर के आगे लगे पेड़ से हो रही परेशानी तो काट सकते हैं? पंजाब ही नहीं, दिल्ली-यूपी समेत पूरे देश का नियम जान लें
भारतीय वन कानून 1927 के सेक्शन 78 के तहत बिना परमिशन पेड़ काटना गैरकानूनी है. अगर आप ऐसा करते हैं,तो आपके ऊपर पर्यावरण कोर्ट से मामला दर्द किया जा सकता है. अगर आप अपने घर का भी पेड़ काटते हैं, तो भी आपको परमिशन लेने की जरूरत पड़ सकती है.
आपके घर के सामने या फिर आपकी खुद की जमीन पर भी अगर कोई पेड़ लगा है, तो इसे काटने के लिए आपको वन विभाग से परमिशन लेने की जरूरत पड़ती है. इसके अलावा आप स्थानीय परिषद से लिखित में भी परमिशन ले सकते हैं, जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और ग्राम पंचायत भी शामिल हैं.
पेड़ काटने की अनुमति और ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन दोनों तरह से ले सकते हैं...
अगर आपके घर के सामने या फिर आपकी खुद की प्रोपर्टी पर किसी तरह का पेड़ लगा है और इस पेड़ की वजह से आपको किसी तरह की परेशानी हो रही है, इसलिए आप इसे काटना चाहते हैं, तो इसका परमिशन लेने के लिए आप ऑनलाइन भी प्रोसेस शुरू कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में पेड़ काटने की अनुमति के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी हैं, उदाहरण के लिए अगर आप दिल्ली के निवासी हैं और यहां किसी भी इलाके में पेड़ काटना चाह रहे हैं, तो https://forest.delhi.gov.in/ पर जाकर आप पेड़ काटने की अनुमति ले सकते हैं.
अगर आप नीम, बरगद, पीपल, शीशम, आम जैसे बड़े पेड़ों को काटने का आवेदन कर रहे हैं, तो इस स्थिति में आपको आवेदन के साथ प्रति पेड़ की एवज में नए पौधे लगाने या उनका संरक्षण करने का शपथ पत्र और शुल्क जमा करना पड़ेगा.
ध्यान रखें कि हर तरह के पेड़ को काटने के लिए आपको अनुमित लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. मुख्य रूप से अगर आपको व्यवसायिक या फिर तेजी से उगने वाले पेड़ जैसे- यूकेलिप्टस, पॉपलर इत्यादि लगाएं हैं, जो इसके लिए कुछ राज्यों में अनुमति से छूट दी गई है. हालांकि, इसके लिए आपको एक बार स्थानीय नियमों की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.
RBI का नया नियम, EMI देने से चूके तो फोन हो जायगा LOCK, भुगतान के बाद इतनी देर में होगा अनलॉक
आजकल EMI पर स्मार्टफोन खरीदना बेहद आम हो गया है. लेकिन कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां किस्त न चुकाने पर फोन को रिमोटली लॉक कर देती हैं. अब इस बढ़ते चलन पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सख्त नियम जारी किए हैं. नए नियमों के तहत बैंक कब किसी डिवाइस को लॉक कर सकते हैं, कौन-कौन सी सुविधाएं लॉक होने के बाद भी चालू रहेंगी और भुगतान के बाद कितनी देर में फोन अनलॉक करना होगा, यह सब तय कर दिया गया है.
RBI का यह नया फ्रेमवर्क 1 जनवरी 2027 से लागू होगा. यह लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देशों का हिस्सा है और पहली बार टेक्नोलॉजी आधारित रिकवरी पर विस्तार से नियम बनाए गए हैं.
RBI का नया नियम
RBI ने पाया कि कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां EMI डिफॉल्ट होने पर टेक्नोलॉजी की मदद से फाइनेंस किए गए स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप को रिमोटली लॉक कर रही हैं. हालांकि, बैंक को अपना पैसा वसूलने का अधिकार है, लेकिन RBI चाहता है कि इस तकनीक का इस्तेमाल ग्राहकों को परेशान करने या अनुचित रिकवरी के लिए न किया जाए. इसी वजह से डिवाइस लॉक करने का पूरा प्रोसेस, नोटिस, समय-सीमा और ग्राहक के अधिकार तय किए गए हैं.
RBI के नए नियमों के अनुसार, सिर्फ एक EMI मिस होने पर बैंक तुरंत फोन लॉक नहीं कर सकते हैं. डिवाइस पर पहली तरह की पाबंदी तभी लगाई जा सकती है, जब लोन अकाउंट कम से कम 30 दिन तक ओवरड्यू रहे. इसके बाद भी बैंक को स्टेप बाय स्टेप कार्रवाई करनी होगी. अगर लोन 60 दिन तक बकाया रहता है, तभी बैंक या फाइनेंस कंपनी डिवाइस को पूरी तरह लॉक कर सकती है. इसका मतलब है कि ग्राहकों को भुगतान करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और तुरंत फोन बंद नहीं किया जा सकेगा.
RBI ने साफ निर्देश दिए हैं कि फोन पूरी तरह बेकार नहीं बनाया जा सकता है. लॉक होने के बाद भी कुछ जरूरी सुविधाएं चालू रहना अनिवार्य होगा. इनमें इनकमिंग कॉल, SMS, SOS और इमरजेंसी कम्युनिकेशन, नौकरी और काम से जुड़े जरूरी फीचर्स शामिल हैं. इसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि EMI लेट होने पर भी ग्राहक पूरी तरह दुनिया से कट न जाए.
RBI ने प्राइवेसी को भी प्राथमिकता दी है. डिवाइस लॉक करने वाली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए बैंक या फाइनेंस कंपनी सभी डेटा तक पहुंच नहीं बना सकती है. इनमें कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो-वीडियो, SMS, कॉल लॉग, लोकेशन हिस्ट्री, लोन रिकवरी से असंबंधित कोई भी निजी जानकारी शामिल हैं. साथ ही, इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को डेटा सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा.
फोन लॉक करने से पहले नोटिस देना होगा
फोन लॉक करने से पहले बैंक को ग्राहक को सूचना देना जरूरी होगा. लोन मंजूर करते समय ही यह साफ बताया जाएगा कि डिवाइस रिमोटली लॉक किया जा सकता है. इसके अलावा, लॉकिंग लागू करने से पहले भी ग्राहक को अग्रिम सूचना देकर बकाया चुकाने का मौका देना होगा.
भुगतान के बाद कितनी देर में फोन अनलॉक होगा?
अगर ग्राहक बकाया राशि चुका देता है या लोन अकाउंट सेटल कर देता है, तो बैंक को आमतौर पर एक घंटे के भीतर डिवाइस अनलॉक करना होगा. RBI ने कहा है कि अनावश्यक देरी नहीं की जानी चाहिए. अगर भुगतान के बाद भी तय समय में फोन अनलॉक नहीं किया जाता, तो बैंक या फाइनेंस कंपनी को ग्राहक को मुआवजा देना होगा.
RBI के अनुसार, हर घंटे की देरी पर 250 रुपये मुआवजा मिलेगा. कुल मुआवजा बकाया लोन राशि से अधिक नहीं होगा. यह पहली बार है जब टेक्नोलॉजी आधारित रिकवरी के लिए RBI ने तय राशि का मुआवजा निर्धारित किया है. RBI ने ये भी साफ किया है कि डिवाइस लॉकिंग तकनीक ग्राहक के अन्य अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगी. ग्राहक पहले की तरह लोन की प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर कर सकेगा.
🌞सुप्रभातम🌞
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दिनांक:- 07/08/2026, शुक्रवार
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