कन्नौज से गांजा लाकर कानपुर में खपाने वाला शातिर प्रतीक शुक्ला गिरफ्तार
• अरौल पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, ₹2.80 लाख का अवैध मादक पदार्थ बरामद
• दुष्कर्म और जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में पहले भी जेल जा चुका है अभियुक्त
कानपुर, कार्यालय संवाददाता।कमिश्नरेट कानपुर नगर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना अरौल पुलिस और पश्चिम जोन की स्वाट/सर्विलांस टीम ने संयुक्त घेराबंदी कर एक अंतर-जनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के पास से करीब 14 किलो 174 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
ग्राम देवकली के पास दबोचा गया आरोपी
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) और सहायक पुलिस आयुक्त (बिल्हौर) के पर्यवेक्षण में अरौल थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीमें देर रात संदिग्धों की चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान मकनपुर चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक विशाल कुमार शर्मा मय फोर्स मकनपुर-बिल्हौर मार्ग पर ग्राम देवकली के समीप मौजूद थे। तभी मकनपुर की ओर से पैदल आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर यू-टर्न लेकर भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे मौके पर ही दबोच लिया।
थैले में मिले गांजे के 7 पैकेट
पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी एसीपी बिल्हौर की प्रत्यक्ष उपस्थिति में ली गई। जामातलाशी के दौरान अभियुक्त के हाथ में मौजूद काले रंग के प्लास्टिक थैले से खाकी टेप से लिपटे हुए गांजे के 7 पैकेट बरामद हुए। तोल कराए जाने पर कुल मादक पदार्थ का वजन 14.174 किलोग्राम निकला। इसके अतिरिक्त उसकी जेब से ₹270 नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह कन्नौज से थोक दाम में गांजे की खेप लाता था और कानपुर के विभिन्न हिस्सों में छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर फुटकर में बेचता था।
अनवरगंज का निवासी, हनुमंत विहार में था ठिकाना
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तस्कर की पहचान प्रतीक शुक्ला (37) पुत्र नरेन्द्र शुक्ला के रूप में हुई है। वह मूल रूप से देवनगर (अनवरगंज, थाना रायपुरवा) का रहने वाला है, जो वर्तमान में केशव नगर (चौकी उस्मानपुर, थाना हनुमंत विहार) में एलआईसी फ्लैट संख्या 25 में रह रहा था।
संगीन धाराओं में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रतीक शुक्ला का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी किदवई नगर, रायपुरवा और कल्याणपुर थानों से जेल जा चुका है। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों का विवरण इस प्रकार है:
- वर्ष 2018 (थाना किदवई नगर): मु0अ0सं0 193/18 (धारा 504, 506 आईपीसी - गाली-गलौज व धमकी)
- वर्ष 2019 (थाना रायपुरवा): मु0अ0सं0 015/19 (धारा 323, 354, 552, 504 आईपीसी - मारपीट व महिला संबंधी अपराध)
- वर्ष 2021 (थाना कल्याणपुर): मु0अ0सं0 1013/21 (धारा 328, 376, 384, 504, 506 आईपीसी - नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म व अवैध वसूली)
- वर्ष 2026 (थाना अरौल): मु0अ0सं0 195/26 (धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट - वर्तमान मामला)
गुडवर्क करने वाली संयुक्त टीम
इस बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारी में अरौल थाने के उप-निरीक्षक विशाल कुमार शर्मा, उ0नि0 चन्दन यादव, उ0नि0 दीपक कुमार, कांस्टेबल अवनीश राघव और अंकित कुमार शामिल रहे। वहीं, कार्रवाई को बैकएंड से सपोर्ट करने वाली स्वाट/सर्विलांस टीम (पश्चिम जोन) के प्रभारी उ0नि0 पवन कुमार मिश्रा, उ0नि0 दिवाकर पांडे, हेड कांस्टेबल सैयद मोहम्मद इमरान, कांस्टेबल अवधेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, संजय, परशुराम और अजय कुमार गुप्ता की भूमिका भी अहम रही।