तरबूजे और खरबूजे के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, फायदा की जगह पहुंच सकता है नुकसान
तरबूजे और खरबूजे के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, फायदा की जगह पहुंच सकता है नुकसान
तरबूजे और खरबूजे के साथ भूलकर भी न खाएं ये चीजें, फायदा की जगह पहुंच सकता है नुकसान
1.फ्राई फूड्स-
इसी तरह पानी वाले फलों के साथ तले-भुने फूड्स खाना भी नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों में शरीर पहले से ही गर्म रहता है और अगर ऐसे समय में भारी और ऑयली खाना खाया जाए तो अपच, एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है.
2. भारी खाना-
भारी खाना या ज्यादा अनाज के साथ भी तरबूज और खरबूजा खाने से बचना चाहिए. इससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शरीर में सुस्ती, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है.
3. ठंडी चीजें-
बहुत ठंडे ड्रिंक या आइस्ड ड्रिंक्स के साथ इन फलों का सेवन भी सही नहीं माना जाता. इससे आंतों की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
आयुर्वेद के अनुसार, तरबूज या खरबूजे जैसे पानी वाले फलों को हमेशा अकेले या फिर समान प्रकृति वाले फलों के साथ खाना बेहतर होता है. इससे शरीर को पोषण भी सही तरीके से मिलता है और पाचन भी अच्छा रहता है.
अगर आपको तरबूज या खरबूजा पसंद नहीं है या किसी वजह से आप नहीं खा सकते तो गर्मी के मौसम में नारियल पानी, बेल का शरबत, नींबू पानी और छाछ जैसी चीजें शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करती हैं. साथ ही, पर्याप्त आराम और संतुलित खानपान भी जरूरी है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. B.I.News (www.newsbin24.com) इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
ट्रैफिक पुलिस ने फोटो खींच लिया और चालान आ जाए तो क्या करें, एडवोकेट से जानिए
सबसे पहले ई-चालान स्टेटस जांचें
अगर आपके मोबाइल पर चालान का मैसेज आता है, तो सबसे पहले ऑफिशियल ई-चालान वेबसाइट पर जाकर उसका स्टेटस चेक करें. वहां व्हीकल नंबर या चालान नंबर डालकर पूरी जानकारी देखी जा सकती है. चालान में उल्लंघन का प्रकार, तारीख, समय और फोटो जैसी जानकारी उपलब्ध रहती है. अगर आपको लगता है कि चालान गलत तरीके से जारी किया गया है, तो आप उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
गलत चालान होने पर क्या करें
एडवोकेट्स के अनुसार, अगर चालान गलत है, तो आपको सबूत इकट्ठा करने चाहिए. जैसे कि उस समय की लोकेशन, CCTV फुटेज या दूसरे डॉक्युमेंट्स. इसके बाद 15 दिनों के भीतर संबंधित विभाग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है. इस दौरान वर्चुअल कोर्ट के जरिए भी चालान को चुनौती देने का ऑप्शन मौजूद है.
ट्रैफिक चालान के लिए ऑथोराइज डिवाइस जरूरी
कानूनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रैफिक नियमों के अनुसार चालान जारी करने के लिए ऑथोराइज और सर्टिफाइड डिवाइसेस का इस्तेमाल होता है. अगर कोई अधिकारी पर्सनल मोबाइल फोन से फोटो लेकर चालान काटता है, तो उसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं. हालांकि, सरकारी कैमरों या ऑथोराइज डिवाइस से रिकॉर्ड किए गए ट्रैफिक उल्लंघन के आधार पर जारी ई-चालान पूरी तरह वैध माने जाते हैं.
एक्सपर्ट्स ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और किसी भी चालान को नजरअंदाज न करें. अगर चालान गलत लगता है, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत समय रहते शिकायत दर्ज कराना जरूरी है.
अगर किसी ने बैंक से लोन लिया है और किसी वजह से किस्त (EMI) चुकाने में देरी हो गई है, तो अब रिकवरी एजेंट उनसे बदतमीजी नहीं करेंगे. सबके सामने उनकी इज्जत नहीं उछालेंगे. लोन एजेंट को बस आराम से समझाने और टाइम से किस्त भरने की रिक्वेस्ट करने की अनुमति होगी. वे न तो डराएंगे, न धमकाएंगे और न ही धमकी भरे कॉल कर पाएंगे. कॉल करेंगे भी तो ये नहीं कि जब मन किया, घुमा दिया फोन और धमकाने लगे. रिकवरी एजेंट शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं कर सकेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि लोन वसूली के नियमों को 'मानवीय' बनाने के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं.
लोन वसूली के लिए अगर बैंक या लोन ऐप वाली कंपनियों के रिकवरी एजेंट आपको धमकाएं, घर पर आकर बेइज्जती करें या हमला करें तो आपके पास पुलिस के पास जाने के अलावा क्या कानूनी अधिकार हैं, जानें लीगल एक्सपर्ट से
Bank Loan Recovery Rules: देश में निम्न और मध्यम वर्ग की बढ़ती जरूरतों के साथ घर, गाड़ी और फ्रिज-एसी जैसी जरूरतों के लिए लोन लेना आम बात हो गई है. लोग क्रेडिट कार्ड के जरिये भी लाखों की खरीदारी करने लगे हैं, लेकिन कई बार नौकरी जाने या किसी अन्य मुसीबत के कारण कर्जदार लोन की भरपाई करने में नाकाम हो जाता है. लेकिन क्या ऐसी हालत में लाचार ग्राहक को वसूली की धमकी देने, उसके परिवार या रिश्तेदारों को फोन करने या बाउंसरों के जरिये मारपीट का अधिकार बैंक या अन्य वित्तीय कंपनी को मिल जाता है. ऐसी लोन कंपनियां अगर ग्राहक को धमकाएं, घर जाकर बेइज्जत करें तो आम आदमी क्या कर सकता है.आइए जानते हैं कानूनी एक्सपर्ट इस बारे में क्या कहते हैं.
दिल्ली हाईकोर्ट के वकील वरुण दीक्षित का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति कर्ज की किस्त या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने में नाकाम है तो बैंक या वित्त कंपनी को धन वसूली का कानूनी अधिकार है, लेकिन केवल कानूनी तरीकों से. वो कर्जदार को धमका नहीं सकते, उस पर हमला नहीं कर सकते. उसे अपमानित नहीं कर सकते या अवैध रूप से परेशान नहीं कर सकते.अदालत और रिजर्व बैंक और कंज्यूमर फोरम ने ऐसे मामलों मेंवसूली प्रक्रियाओं पर सख्त नियम बनाए हैं.
दरअसल, केंद्रीय बैंक RBI ने बैंकों की ओर से लोन वसूली के लिए रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति और व्यवहार संबंधित नियमों को सख्त करने की दिशा में कदम उठाया है. RBI ने कर्जदारों का शोषण, उत्पीड़न रोकने के लिए RBI (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Second Amendment Directions, 2026 शीर्षक से एक ड्राफ्ट जारी किया है.
बैंक और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) कानूनी तौर पर ये कदम उठा सकती हैं, लेकिन सभी वसूली कानून के दायरे में ही की जानी चाहिए.
वसूली एजेंट कर्जदार के घर जा सकते हैं, लेकिन सब कुछ कानूनी दायरे में संभव है. बल प्रयोग, मारपीट या आपराधिक धमकी से संबंधित कोई भी वसूली अवैध है. वो कर्जदार को धमका कर या हमलाकर वसूली नहीं कर सकते हैं. ऐसा हो तो पुलिस से संपर्क साधा जा सकता है और एफआईआर कराई जा सकती है.
अब बैंक किसी भी ऐरे-गैरे व्यक्ति को आपके घर वसूली के लिए नहीं भेज पाएंगे. वे प्रॉपर ट्रेंड होंगे. हर रिकवरी एजेंट के पास IIBF (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस) का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य होगा.
बैकग्राउंड चेक और पहचान को लेकर भी नियमों का प्रस्ताव है. बैंकों को एजेंट नियुक्त करने से पहले उनका पूरा बैकग्राउंड चेक (Due Diligence) करना होगा. बैंक को अपनी वेबसाइट और ऐप पर अधिकृत एजेंटों की पूरी लिस्ट डालनी होगी. ऐसे में आप तुरंत चेक कर पाएंगे कि आपके दरवाजे पर खड़ा व्यक्ति असली है या फर्जी.
1. आरबीआई लोकपाल योजना: आप उत्पीड़न या अनुचित वसूली प्रथाओं के लिए बैंकों और गैर सरकारी वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
2. कंज्यूमर फोरम या कोर्ट: उधारकर्ता को अगर मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़े, उसे खराब सामान या सेवा मिलने से दिक्कत हुई है तो कंज्यूमर फोरम या उपभोक्ता न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं. घर, परिवार और रिश्तेदारों को लोन वसूली में परेशान किया जाए तो निजता का उल्लंघन का मामला भी बनता है. अनुचित व्यापार प्रथाओं पर भी मुआवजे की मांग कर सकते हैं.
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3. मानवाधिकार आयोग की शरण: कर्जदार से हिंसा, उसे गैरकानूनी तरीके से बंधन बनाने या सरेआम अपमान करने की घटना हो तो मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत कर सकते हैं. लोन वसूली में जबरदस्ती की जाए तो भी ये कदम उठा सकते हैं.
ICICI बैंक बनाम प्रकाश कौर (2007) के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट दिशानिर्देश दिए हैं. कोर्ट ने उधारकर्ताओं को डराने-धमकाने वाले वसूली एजेंटों का इस्तेमाल करने वाले बैंकों, NBFC और लोन ऐप की कड़ी आलोचना की है. अदालत ने कहा है कि बैंक गैरकानूनी जबरदस्ती की रणनीति नहीं अपना सकते. अदालत ने कहा कि वसूली केवल कानूनी तरीकों से ही की जानी चाहिए. मैनेजर आईसीआईसीआई ICICI बैंक लिमिटेड बनाम शांति देवी शर्मा (2008) के केस में भी ने वसूली एजेंटों द्वारा उत्पीड़न की निंदा की और जोर दिया कि उधारकर्ताओं की गरिमा और निजता का सम्मान किया जाना चाहिए.
अक्सर देखा जाता था कि रिकवरी एजेंट त्योहारों या शादी-ब्याह के मौके पर पहुंचकर तमाशा करते थे. अब RBI ने इस पर 'लक्ष्मण रेखा' खींच दी है.
लोन लेने वालों के लिए ये सबसे बड़ा और राहत देने वाला बदलाव होगा. अगर आपने किसी एजेंट की बदतमीजी के खिलाफ बैंक में शिकायत की है और उसकी जांच चल रही है, तो जब तक शिकायत का निपटारा नहीं हो जाता, बैंक आपसे वसूली की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकता. एजेंट की हर हरकत के लिए बैंक सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा. हर नोटिस पर शिकायत अधिकारी का नाम और नंबर देना अनिवार्य होगा.
वसूली के खेल में 'सरप्राइज विजिट' को खत्म करने के लिए RBI ने नियम बनाया है कि अगर बैंक आपके केस के लिए एजेंट बदलता है, तो इसकी जानकारी आपको तुरंत SMS या ईमेल के जरिए देनी होगी. बिना सूचना दिए नया एजेंट आपके पास नहीं आ सकता.
अगर कोई एजेंट आपको परेशान करता है, तो आप बैंक के 'ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म' (शिकायत निवारण तंत्र) का सहारा लिया जा सकेगा. लोन वसूलना बैंक का अधिकार है, लेकिन कर्जदार की गरिमा (Dignity) को ठेस पहुंचाने की आजादी नहीं रहेगी.
20,000 से ज्यादा शिक्षकों की होगी भर्ती,
CM योगी का बड़ा ऐलान,
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है. राज्य के जो युवा पिछले कई सालों से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए ये अच्छा मौका है. विभाग की ओर से रिक्त पदों का ब्योरा भेज दिया गया है, जिसके बाद जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है.UP Teacher Job: उत्तर प्रदेश में जल्द ही बड़े स्तर पर टीचरों के पदों पर भर्ती की जाएगी. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग बड़ी भर्ती की तैयारी कर रहा है. जानकारी के अनुसार यूपी के नगरीय परिषदीय स्कूलों में 11,508 सहायक अध्यापकों (Assistant Teachers) की भर्ती की जाएगी. जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10,000 अनुदेशकों (Instructors) की नियुक्ति की तैयारी भी की जा रही है. लंबे समय बाद बेसिक शिक्षा विभाग सीधी भर्ती करने जा रहा है. अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार सभी 75 जिलों से रिक्त पदों का ब्योरा आयोग को भेजा गया है. उम्मीद है कि आयोग जल्दी ही आवेदन की प्रक्रिया को शुरू करेगा. राज्य में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए ये एक अच्छा मौका है.
इस भर्ती का मकसद शहरों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करना है. जानकारी के अनुसार छात्रों की संख्या बढ़ने पर आगे भी नई भर्तियां की जा सकती हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं. राज्य के जो युवा टीचर भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, वो इस मौके का फायदा जरूर उठाएं. अपनी तैयारी तेजी से शुरू कर दें. उम्मीद है कि कुछ ही महीनों में भर्ती का नोटिस जारी किया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ये भर्ती निकाली जानी हैं. इसलिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. उम्मीदवार ताजा अपडेट पाने के लिए समय-समय पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को चेक करते रहें और नोटिफिकेशन जारी होते ही, आवेदन कर दें. भर्ती किस तरह से की जाएगी और इसकी क्या प्रक्रिया होगी. ये सारी जानकारी नोटिफिकेशन में दी जाएगी.
🌞सुप्रभातम🌞
⚜️««« *आज का पंचांग* »»»⚜️
दिनांक:- 18/05/2026, सोमवार
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CNG: कानपुर, चित्रकूट में कितनी महंगी, दिल्ली में 80, नोएडा-गाजियाबाद में 89 रुपये की हो गई CNG! मेरठ, क्या होगा असर?
IGL ने जो नई रेट चार्ट जारी की है, उसके मुताबिक दिल्ली में एक किलो CNG अब 79.09 रुपये की बजाय 80.09 रुपये/किलो की दर से मिलेगी, वहीं नोएडा और गाजियाबाद में CNG दिल्ली की तुलना में 8.61 रुपये ज्यादा यानी 88.70 रुपये/किलो के भाव बिक रही है. मुंबई में CNG इन दिनों 84 रुपये/किलो के भाव मिल रही है.
(3 दिन के अंदर CNG के दाम 3 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं)
| 1 | दिल्ली (NCT of Delhi) | ₹80.09/- |
|---|---|---|
| 2 | नोएडा (Noida) | ₹88.70/- |
| 3 | गाजियाबाद (Ghaziabad) | ₹88.70/- |
| 4 | मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) | ₹88.58/- |
| 5 | मेरठ (Meerut) | ₹88.58/- |
| 6 | शामली (Shamli) | ₹88.58/- |
| 7 | गुरुग्राम (Gurugram) | ₹85.12/- |
| 8 | रेवाड़ी (Rewari) | ₹84.70/- |
| 9 | करनाल (Karnal) | ₹84.43/- |
| 10 | कैथल (Kaithal) | ₹85.43/- |
| 11 | कानपुर (Kanpur) | ₹91.42/- |
| 12 | हमीरपुर (Hamirpur) | ₹91.42/- |
| 13 | फतेहपुर (Fatehpur) | ₹91.42/- |
| 14 | अजमेर (Ajmer) | ₹89.44/- |
| 15 | पाली( Pali) | ₹89.44/- |
| 16 | राजसमंद (Rajsamand) | ₹89.44/- |
| 17 | महोबा (Mahoba) | ₹86.42/- |
| 18 | बांदा (Banda) | ₹86.42/- |
| 19 | चित्रकूट (Chitrakoot) | ₹86.42/- |
| 20 | हापुड़ (Hapur) | ₹89.70/- |
| 21 | गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) | ₹88.70/- |
| 22 | ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) | ₹88.70/- |
CNG की कीमतें बढ़ाए जाने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कैब, ऑटोरिक्शा वगैरह से आने-जाने का खर्च महंगा हो सकता है. मुंबई में तो टेंपो वाले लगातार किराया बढ़ाने की मांग को लेकर एग्रेसिव हैं. वहीं दिल्ली में गिग वर्कर्स की हड़ताल में भी कैब एग्रीगटर के चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग की है. ओला, उबर, रैपिडो कैब एग्रीगेटर्स अगर गिग वर्कर्स की मांग पर चार्जेस या कमीशन बढ़ाते हैं तो इसका बोझ ग्राहकों की जेब पर डाला जा सकता है. वहीं दूसरी ओर CNG से चलने वाले टेंपो के चालक भी ज्ज्यादा किराये की मांग कर सकते हैं.