*दिनाँक:-01/11/2026,रविवार*
*सप्तमी, कृष्ण पक्ष,*
*कार्तिक*
(समाप्ति काल)
तिथि------- सप्तमी 14:51:03. तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र---------- पुष्य 28:29:49
योग---------- साध्य 14:38:25
करण----------- बव 14:51:03
करण-------- बालव 25:57:20
वार--------------------- रविवार
माह--------------------- कार्तिक
चन्द्र राशि------------------ कर्क
सूर्य राशि------------------ तुला
ऋतु----------------------- हेमंत
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127
सूर्योदय------------- 06:30:51
चंद्रास्त-------------- 12:43:12
सूर्यास्त-------------- 17:34:18
चंद्रोदय-------------- 23:35:18
लग्न----तुला 14°23', 194°23'
सूर्य नक्षत्र----------------- स्वाति
चन्द्र नक्षत्र----------------- पुष्य
नक्षत्र पाया---------------- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
हु---- पुष्य 11:19:16
हे---- पुष्य 17:01:15
हो---- पुष्य 22:44:46
ड---- पुष्य 28:29:49
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= तुला 14°30 , स्वाति 3 रो
चन्द्र= मिथुन 03°30 , पुष्य , 1 हु
बुध = तुला 22°52 ' विशाखा 1 ती
शु क्र= तुला 01°05, चित्रा 3 रा
मंगल= कर्क 24°17 आश्लेषा 3 डे
गुरु= सिंह 00°33 उoभाo, 1 मा
शनि=मीन 15°10 ' उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 01°54 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 01°54 मघा 1 मा
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*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 16:11 - 17:34 अशुभ
यम घंटा 12:03 - 13:26 अशुभ
गुली काल 14:48 - 16:11 अशुभ
अभिजित 11:40 - 12:25 शुभ
दूर मुहूर्त 16:06 - 16:50 अशुभ
वर्ज्यम 13:16 - 14:47 अशुभ
प्रदोष 17:34 - 20:12. शुभ
💮गंड मूल 28:30* - अहोरात्र अशुभ
🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:48* - 29:40* शुभ
💮चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:31 - 07:54 अशुभ
चर 07:54 - 09:17 शुभ
लाभ 09:17 - 10:40 शुभ
अमृत 10:40 - 12:03 शुभ
काल 12:03 13:26 अशुभ
शुभ 13:26 - 14:48 शुभ
रोग 14:48 - 16:11 अशुभ
उद्वेग 16:11 - 17:34 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
शुभ 17:34 - 19:11 शुभ
अमृत 19:11 - 20:49 शुभ
चर 20:49 - 22:26 शुभ
रोग 22:26 - 24:03* अशुभ
काल 24:03* - 25:40* अशुभ
लाभ 25:40* - 27:17* शुभ
उद्वेग 27:17* - 28:54* अशुभ
शुभ 28:54* - 30:32* शुभ
💮होरा, दिन
सूर्य 06:31- 07:26
शुक्र 07:26 -08:21
बुध 08:21- 09:17
चन्द्र 09:17 -10:12
शनि 10:12- 11:07
बृहस्पति 11:07- 12:03
मंगल 12:03- 12:58
सूर्य 12:58 -13:53
शुक्र 13:53- 14:48
बुध 14:48- 15:44
चन्द्र 15:44- 16:39
शनि 16:39 -17:34
🚩होरा, रात
बृहस्पति 17:34 -18:39
मंगल 18:39- 19:44
सूर्य 19:44 -20:49
शुक्र20:49- 21:53
बुध 21:53- 22:58
चन्द्र 22:58 -24:03
शनि 24:03-25:08
बृहस्पति25:08-26:12
मंगल 26:12-27:17
सूर्य 27:17-28:22
शुक्र28:22-29:27
बुध 29:27-30:32
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
तुला > 05:36 से 07:44 तक
वृश्चिक > 07:44 से 10:12 तक
धनु > 10:12 से 12:04 तक
मकर > 12:04 से 13:58 तक
कुम्भ > 13:58 से 15:34 तक
मीन > 15:34 से 17:30 तक
मेष > 17:30 से 17:40 तक
वृषभ > 17:40 से 20:30 तक
मिथुन > 20:30 से 22:42 तक
कर्क > 22:42 से 00:56 तक
सिंह > 00:56 से 03:20 तक
कन्या > 03:20 से 05:30 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।*
*महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,*
*राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,*
*अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 7 + 1 + 1 = 24 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
गुरु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:*
*श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।*
*शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।*
*हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।*
*सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।*
*शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।*
*नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।*
22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष
शमशान वास = मृत्यु कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*अहोई अष्टमी व्रत चंद्रोदय रात्रि 23:35*
*सर्वार्थ सिद्धि योग 28:30 तक*
*रवि पुष्य योग*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
न विश्वसेत्कुमित्रे च मित्रे चापि न विश्वसेत् ।
कदाचित्कुपितं मित्रं सर्वगुह्यं प्रकाशयेत् ।।
।।चाoनीo।।
एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास ना करे। एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें। क्यूंकि यदि ऐसे लोग आपसे रुष्ट होते है तो आप के सभी राज से पर्दा खोल देंगे।
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11
मत्कर्मकृन्मत्परमो मद्भक्तः सङ्गवर्जितः।
निर्वैरः सर्वभूतेषु यः स मामेति पाण्डव॥
हे अर्जुन! जो पुरुष केवल मेरे ही लिए सम्पूर्ण कर्तव्य कर्मों को करने वाला है, मेरे परायण है, मेरा भक्त है, आसक्तिरहित है और सम्पूर्ण भूतप्राणियों में वैरभाव से रहित है (सर्वत्र भगवद्बुद्धि हो जाने से उस पुरुष का अति अपराध करने वाले में भी वैरभाव नहीं होता है, फिर औरों में तो कहना ही क्या है), वह अनन्यभक्तियुक्त पुरुष मुझको ही प्राप्त होता है
॥55॥
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
*देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।*
*नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।*
*विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।*
*जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।*
🐏मेष
कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में नए समझौते तय होंगे, बड़ा आर्थिक लाभ। परिवार और मित्रों के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। अचानक धन लाभ के योग हैं। सेहत उत्तम रहेगी, ताजगी महसूस करेंगे। हनुमान जी को सिंदूर-चमेली तेल चढ़ाएं।
🐂वृषभ
दफ्तर में शांति और योजनाबद्ध तरीके से काम निपटाएं। व्यापारिक फैसलों में जल्दबाजी से बचें, सोच-समझकर निवेश करें। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर बना रहेगा। अटका हुआ धन मिलने से आर्थिक राहत महसूस होगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शनिदेव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
👫मिथुन
कार्यस्थल पर आपके विचारों और कार्यशैली को मान्यता मिलेगी। व्यापार में नए अवसरों से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। आय के नए स्रोत बनेंगे, वित्तीय पक्ष सुदृढ़ होगा। मानसिक रूप से शांत और प्रसन्न अनुभव करेंगे। पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाएं और परिक्रमा करें।
🦀कर्क
वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन तरक्की के रास्ते खोलेगा। व्यावसायिक यात्राएं सफल होंगी। परिजनों के साथ मनमुटाव दूर होगा। धन संचय करने के प्रयास पूरी तरह सफल रहेंगे। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, खान-पान संतुलित रखें। शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल दान करें।
🐅सिंह
दफ्तर में प्रभावशीलता और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नए सौदे व्यापारिक स्थिति को मजबूती देंगे। प्रेम संबंधों में सामंजस्य और आपसी समझ बढ़ेगी। आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। शारीरिक ऊर्जा बनी रहेगी। सूर्य देव को अर्घ्य देकर प्रणाम करें।
🙎♀️कन्या
कार्यस्थल पर ध्यान भटकने न दें, सजगता से काम करें। लेन-देन के मामलों में लिखा-पढ़ी स्पष्ट रखें। अपनों के साथ धैर्यपूर्वक बातचीत करें। गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगाएं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर्याप्त आराम लें। उड़द की दाल या काले तिल का दान करें।
⚖️तुला
नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के योग हैं। साझेदारी के काम में उत्तम लाभ। पारिवारिक जीवन में सौहार्द रहेगा। धन आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ऊर्जावान महसूस करेंगे। शनि मंदिर में नीले फूल अर्पित करें।
🦂वृश्चिक
कार्यक्षेत्र में विरोधियों पर आपकी बढ़त बनी रहेगी। व्यापार में नए प्रयोगों से अच्छा मुनाफा मिलेगा। परिवार का समर्थन उत्साह बढ़ाएगा। अचानक धन प्राप्ति के योग। सेहत अच्छी रहेगी, मानसिक तनाव दूर होगा। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
🏹धनु
बौद्धिक और रचनात्मक काम में बड़ी सफलता मिलेगी। व्यापार में नए निवेश से भविष्य में फायदा देगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। आय के स्रोतों में वृद्धि होगी। स्फूर्ति और ताजगी बनी रहेगी। शनि देव के सामने चौमुखी दीपक जलाएं।
🐊मकर
कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों को संयम से संभालें। कागजी कार्रवाई में पूरी सतर्कता बनाए रखें। परिवार के सदस्यों के साथ तालमेल बेहतर रखें। बजट बनाकर चलना समझदारी होगी। थकावट महसूस हो सकती है। पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें।
🍯कुंभ
बुद्धिमत्ता और सूझबूझ से सभी काम निपटाएंगे। व्यापार में नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। मित्रों और प्रियजनों के साथ समय सुखद बीतेगा। वित्तीय स्थिति काफी सुरक्षित बनेगी। स्वास्थ्य उत्तम, मन में उत्साह रहेगा। शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करें।
🐟मीन
दफ्तर में आपकी सलाह और सुझावों की तारीफ होगी। व्यापार में लाभ के नए अवसर मिलेंगे। पारिवारिक माहौल आनंददायक रहेगा। धन संचय की योजना सफल रहेगी। मानसिक शांति महसूस होगी, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी गरीब को सरसों के तेल का दान करें।
*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*