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UPट्रैफिक पुलिस ने जारी की अहम चेतावनी आपकी कार की हाई बीम किसी दूसरे के लिए बन सकती है मुसीबत,
रात के समय सड़क पर गाड़ी चलाते हुए आपने भी कई बार सामने से आती तेज रोशनी की वजह से आंखें चौंधियाने का अनुभव किया होगा. कुछ सेकंड के लिए नजर धुंधली पड़ जाती है और सड़क पर क्या हो रहा है, यह समझना मुश्किल हो जाता है. यही कुछ सेकंड कई बार बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं. इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शहरों के भीतर भी हाई बीम का इस्तेमाल करते रहते हैं.
उन्हें शायद अंदाजा नहीं होता कि उनकी सुविधा के लिए जलाई गई तेज रोशनी सामने से आ रहे किसी दूसरे वाहन चालक के लिए खतरा बन सकती है. इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को आगाह किया है और सड़क सुरक्षा से जुड़ा एक अहम संदेश साझा किया है.
शहरों में हाई बीम का इस्तेमाल सामने से आ रहे वाहन चालकों की विजिबिलिटी कम कर देता है. तेज रोशनी सीधे आंखों पर पड़ने से कुछ समय के लिए सड़क साफ दिखाई नहीं देती. ऐसे में चालक दूरी का सही अनुमान नहीं लगा पाता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और भी जोखिम भरी हो सकती है. कई बार सामने से आने वाली तेज रोशनी की वजह से सड़क पर मौजूद गड्ढे, डिवाइडर या अन्य वाहन अचानक नजर आते हैं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है.
यूपी ट्रैफिक पुलिस ने अपने संदेश में कहा है कि हाई बीम से सामने चल रहे वाहन चालक की विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है. लोगों से अपील की गई है कि शहर में हमेशा लो बीम का उपयोग करें ताकि सभी की यात्रा सुरक्षित रह सके. संदेश में यह भी कहा गया है कि यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है. यह एक साधारण लाइन जरूर है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिहाज से इसका महत्व काफी बड़ा है. इसलिए अगली बार जब आप रात में शहर के भीतर गाड़ी चलाएं, तो अपनी हेडलाइट पर एक नजर जरूर डालें. हो सकता है आपकी यह छोटी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल दे.
गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे 6000 रुपये, जानें क्या है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और कैसे करें आवेदन
गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है. इन्हीं में से एक है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY). इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक मदद दी जाती है. ऐसे में अगर आप या आपके परिवार में कोई महिला गर्भवती है, तो इस योजना की जानकारी आपके लिए बेहद काम की हो सकती है. आइए आसान भाषा में जानते हैं कि यह योजना क्या है और इसका लाभ किसे मिलता है, साथ ही जानेंगे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है.
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक सरकारी योजना है. इसका मकसद गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के दौरान महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है.
कितनी राशि मिलती है?पहले बच्चे के जन्म पर 5000 रुपये की सहायता दी जाती है. यह रकम दो किस्तों में मिलती है.
इसके अलावा, अगर महिला का प्रसव किसी सरकारी अस्पताल या पंजीकृत निजी नर्सिंग होम में होता है, तो जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत मिलने वाली राशि भी मिलती है. इस तरह कुल लाभ लगभग 6000 रुपये तक हो सकता है.
अगर दूसरा बच्चा बेटी है, तो महिला को 6000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाती है.
कौन-कौन महिलाएं योजना का लाभ ले सकती हैं?योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए. साथ ही वह गर्भवती हो और गर्भावस्था के कारण उसकी आय या मजदूरी का नुकसान हो रहा हो.
इन श्रेणियों की महिलाएं भी पात्र हैं-
जो महिलाएं केंद्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में नियमित नौकरी करती हैं और पहले से मातृत्व लाभ (Maternity Benefit) प्राप्त कर रही हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं.
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
योजना के लिए आवेदन करना काफी आसान है. इसके लिए-
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय ये दस्तावेज लग सकते हैं-
इसके अलावा मोबाइल नंबर देना भी जरूरी है, ताकि आवेदन और भुगतान से जुड़ी जानकारी आपको समय-समय पर मिलती रहे.
FAQ
सवाल: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में कितनी राशि मिलती है?
जवाब: पहले बच्चे पर 5000 रुपये मिलते हैं. जननी सुरक्षा योजना (JSY) की राशि जोड़ने पर कुल लाभ लगभग 6000 रुपये तक हो सकता है. दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर 6000 रुपये की सहायता दी जाती है.
सवाल: क्या पति का आधार कार्ड जरूरी है?
जवाब: नहीं, इस योजना का लाभ लेने के लिए पति का आधार कार्ड जरूरी नहीं है.
सवाल: क्या जुड़वा बच्चों के जन्म पर भी योजना का लाभ मिलेगा?
जवाब: हां, अगर पात्रता की सभी शर्तें पूरी होती हैं तो योजना का लाभ मिल सकता है.
सवाल: क्या नौकरीपेशा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा?
जवाब: अगर महिला केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत है और उसे मातृत्व लाभ मिल रहा है, तो वह पात्र नहीं होगी.
सवाल: आवेदन की स्थिति की जानकारी कैसे मिलेगी?
जवाब: आवेदन के समय दिए गए मोबाइल नंबर पर योजना और भुगतान से जुड़ी जानकारी भेजी जाती है.
सवाल: किसी समस्या या जानकारी के लिए कहां संपर्क करें?
जवाब: हेल्पलाइन नंबर 011-23380329 पर संपर्क किया जा सकता है.
ब्रिटिश नागरिक ने 'दुनिया का सबसे बुरा दर्द’ कहकर भारत को कहा अलविदा, इमोशनल मैसेज वायरल
वीडियो में वे कहते हैं, “सच कहूं तो दुनिया का सबसे बुरा दर्द यही है कि मैं यहां अपने दोस्तों को छोड़कर जा रहा हूं और वापस लौट रहा हूं”. उन्होंने यह भी बताया कि जब भी उन्हें भारत छोड़कर यूके जाना पड़ता है, उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगता. उनके अनुसार, दुनिया में भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है.
डेव फ्ल्यू ने आगे कहा, “मुझे यह जगह बहुत पसंद है. यहां से हर बार जाना मुझे अंदर से तोड़ देता है. मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगता, लेकिन जाना तो पड़ता है. जिंदगी चलती रहती है और मैं फिर से वापस आऊंगा. जय हिंद”. उनके इस वीडियो को सोशल मीडिया पर बहुत पसंद किया जा रहा है और यूजर भी जमकर कमेंट कर रहे हैं.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने डेव फ्ल्यू को फिर से भारत आने का न्योता दिया.एक यूजर ने लिखा, “चिंता मत करो, भारत आपके दिल का एक हिस्सा हमेशा अपने पास रख लेता है. आप एक दिन फिर यहां जरूर लौटेंगे”. वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “डेव, आपका वीडियो देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए”. तीसरे यूजर ने कमेंट किया, “आप कभी भी वापस आ सकते हैं. उम्मीद है इस यात्रा की आपकी यादें बहुत खास रही होंगी और आगे का सफर भी अच्छा रहेगा”. एक और यूजर ने लिखा, “यह बहुत प्यारा है. मुझे ऐसे लोग पसंद हैं जो जहां जाते हैं, वहां अपनापन महसूस करते हैं. आपकी यात्रा सुरक्षित रहे”.